राजस्थान कांग्रेस में डोटासरा के छह साल, कांग्रेस संगठन को ग्रासरूट तक मजबूत
15 लाख पदाधिकारियों की फौज तैयार
जयपुर। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बुधवार को अपना 6 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया। 15 जुलाई 2020 को सचिन पायलट के बर्खास्त होने के बाद गहलोत सरकार पर आए सियासी संकट के दौरान उन्हें पार्टी हाईकमान ने अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी थी। सामान्य कार्यकर्ता से पावर सेंटर तक पहुंचने वाले डोटासरा 2008 से लगातार लक्ष्मणगढ़ से विधायक हैं। अध्यक्ष बनने के समय पार्टी में संगठन पूरी तरह भंग था, लेकिन उन्होंने प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक संगठन को खड़ा किया। उनके कार्यकाल में 2200 मंडल, 52 हजार बूथ कार्यकारिणी और 15 लाख पदाधिकारियों की फौज तैयार हुई।
यह मॉडल अब अन्य राज्यों में भी अपनाया जा रहा है।डोटासरा के नेतृत्व में कांग्रेस ने 9 विधानसभा उपचुनावों में 7 सीटें जीतीं। 2023 के विधानसभा चुनाव में 70 सीटें हासिल कर मजबूत विपक्ष बनी, जबकि 2024 लोकसभा चुनाव में 11 सीटें जीतकर 10 साल का सूखा खत्म किया। आरएसएस के मुखर विरोधी रहे डोटासरा कई विवादों में भी रहे, लेकिन संगठन विस्तार और नए चेहरों को मौका देने के लिए उनकी सराहना हुई। राहुल गांधी समेत पार्टी हाईकमान ने उनके काम की तारीफ की। राजनीतिक विश्लेषक उनका 6 साल के कार्यकाल को बड़ी उपलब्धि मानते हैं, जिसमें उन्होंने सत्ता और विपक्ष दोनों में संतुलित नेतृत्व का परिचय दिया।

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