अधूरी एमडीआर-183 सड़क बरसात में बनी बड़ी परेशानी
बारिश में गड्ढों से 60 गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित
भण्डेड़ा। नैनवां से वाया बांसी होते हुए धनावा- बूंदी को जोड़ने वाली एमडीआर-183 सड़क पर दो स्थानों पर वर्षों से अधूरा पड़ा निर्माण बरसात के दिनों में राहगीरों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। वन विभाग की आपत्ति के कारण रुका यह कार्य अब दोनों विभागों से स्वीकृति मिलने के बावजूद शुरू नहीं हो सका है। इससे सड़क पर बने गहरे गड्डों में वर्षा का पानी भर जाने से वाहन चालकों और यात्रियों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि लंबे समय से समस्या जस की तस बनी हुई है, जबकि संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है।
जानकारी के अनुसार सार्वजनिक निर्माण विभाग, नैनवां ने धनावा से नैनवां तक लगभग 45 किलोमीटर लंबे मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड (एमडीआर-183) का निर्माण कराया था। आबादी क्षेत्रों में सीसी सड़क तथा अन्य स्थानों पर डामरीकरण किया गया, लेकिन सांवतगढ़-फोकी पिपलिया-बांसी मार्ग पर करीब 2.9 किलोमीटर तथा मानपुरा डुंगरिया से नैनवां की ओर लगभग तीन किलोमीटर सड़क वन विभाग की आपत्ति के कारण अधूरी रह गई। वर्तमान में वन विभाग की स्वीकृति मिलने के बाद भी निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हुआ है। क्षेत्र के लगभग 60 गांवों के लोग इसी मार्ग से बूंदी जिला मुख्यालय, नैनवां और हिण्डोली के लिए आवागमन करते हैं। किसानों को भी कृषि उपज लेकर मंडियों तक पहुंचने में कठिनाई रही है।
बांसी निवासी नितेश कुमार शर्मा ने बताया कि अधूरी सड़क के कारण वाहन लगातार हिचकोले खाते हैं और आए दिन क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। बांसी निवासी नीरूशंकर शर्मा ने कहा कि बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को भी गहरे गड्डों के कारण भारी असुविधा होती है। बांसी निवासी अवधेश कुमार जैन ने बताया कि हल्की बारिश में भी सड़क फिसलनभरी हो जाती है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ जाता है। वहीं भण्डेड़ा निवासी डेयरी संचालक गणेश कुमार साहू ने कहा कि दूध परिवहन के दौरान भी वाहनों को नुकसान उठाना पड़ता है।
पूर्व राज्यमंत्री प्रभूलाल सैनी सहित जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से वन विभाग से संबंधित अधिकारियों से शीघ्र अधूरे निर्माण को पूरा कराने के लिए पुनः आग्रह किया जाएगा, ताकि हजारों बाधा दूर हो चुकी है। अब संबंधित विभागीय अधिकारियों से शिघ्र अधुरे निर्माण कार्य को पूरा कराने के लिए पुन: आग्रह किया जाएगा, ताकि हजारों राहगीरों को राहत मिल सके।
- सत्यप्रकाश शर्मा (भाया), बांसी प्रशासक (सरपंच) एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि

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