भारत की समुद्री ताकत में इजाफा : नौसेना में शामिल तीसरी स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी, रक्षा मंत्री बोले- शब्द नहीं, शक्ति है अरिदमन
तीनों मोर्चों पर शक्ति बढ़ी
भारत ने स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन को नौसेना में शामिल कर समुद्री शक्ति बढ़ाई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शामिल किया। तीसरी परमाणु बैलिस्टिक पनडुब्बी। न्यूक्लियर ट्रायड क्षमता मजबूत, जिससे भारत जमीन, समुद्र और हवा तीनों माध्यमों से परमाणु जवाब देने में सक्षम।
नई दिल्ली। भारत अपनी समुद्री ताकत में लगातार इजाफा करने की कोशिश में जुटा है। इसी कड़ी में स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन भारतीय नौसेना में शामिल हो गई। आईएनएस अरिदमन को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा शामिल किया गया। इससे पहले आईएनएस अरिहंत (2016) और आईएनएस अरिघात (अगस्त 2024) को नौसेना में शामिल किया जा चुका है। समुद्री ताकत के लिहाज से इसे भारत के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। यह भारत की तीसरी स्वदेश में निर्मित परमाणु बैलिस्टिक पनडुब्बी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आईएनएस अरिदमन को नौसेना में शामिल करने से पहले एक्स पर एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट में रक्षा मंत्री ने कहा कि 'शब्द नहीं शक्ति है, अरिदमन'।
तीनों मोर्चों पर शक्ति बढ़ी :
आईएनएस अरिदमन के शामिल होने से भारत की न्यूक्लियर ट्रायड क्षमता और मजबूत हुई है। न्यूक्लियर ट्रायड का मतलब जमीन, समुद्र और हवा, तीनों माध्यमों से परमाणु हमला करने की क्षमता है। 2016 में कठर अरिहंत के शामिल होते ही भारत उन देशों की लिस्ट में शामिल हो गया, जो जमीन, हवा और समुद्र तीनों तरफ से परमाणु हमला कर सकते हैं। इस लिस्ट में अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन भी शामिल हैं।

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