दूसरों की कीमत पर नहीं, सबको साथ लेकर आगे बढ़ता है भारत; मोदी ने कहा- आज दुनिया में बड़ा सवाल भरोसे का

सबको साथ लेकर चलने की है 21वीं सदी

दूसरों की कीमत पर नहीं, सबको साथ लेकर आगे बढ़ता है भारत; मोदी ने कहा- आज दुनिया में बड़ा सवाल भरोसे का
मोदी ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा कि भारत का मंत्र ‘पावर टू एम्पावर’ है। भारत दुनिया को जोड़ने और सबको सशक्त बनाने में विश्वास करता है। उन्होंने मजबूत अर्थव्यवस्था, 700 अरब डॉलर से अधिक विदेशी मुद्रा भंडार और तेज रिफॉर्म का जिक्र करते हुए वैश्विक सहयोग की अपील की।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पावर टू एम्पावर को विकास के प्रति देश का मुख्य सिद्धांत बताते हुए कहा कि भारत दूसरों की कीमत पर नहीं सबको साथ लेकर आगे बढ़ने में यकीन करता है। मोदी ने यहां 'ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम' को संबोधित करते हुए कहा कि पावर टू एम्पावर का मतलब उस शक्ति से है जो न सिर्फ अपने लिए हो, बल्कि जो अपने साथ दूसरों को भी सशक्त बनाती हो। उन्होंने कहा कि खनिज, भुगतान प्रणाली और प्रौद्योगिकी जैसी जिन चीजों ने कभी दुनिया को जोड़ा था, आज उन्हीं का इस्तेमाल हथियार की तरह किया जा रहा है, दबाव और दबदबे के लिए किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि 21वीं सदी सबको साथ लेकर चलने की है। उन्होंने कहा, जब भी दुनिया को एक स्थिर स्तंभ की जरूरत होती है, भारत अपना दायित्व समझते हुए हाथ बढ़ाता है। हम दूसरों की कीमत पर आगे नहीं बढ़ते, हम दुनिया के लिए आगे बढ़ते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया के सामने बड़ा सवाल भरोसे का है - आपूर्ति श्रृंखला जारी रहेगी या नहीं, साझेदार देश साथ खड़ा रहेगा या नहीं - और यहीं पर भारत एक नए मिजाज के साथ खड़ा है।  

उन्होंने कहा कि दुनिया में पहले भी कई वैश्विक साझेदारियां बनाई गईं जिनका उद्देश्य अपने-अपने हित साधना था। वहीं, भारत ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस, बिग कैट अलायंस और कोएलिशन फॉर डिजास्टर रिजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मंच दिए हैं जिसमें सबको साथ लेकर चलने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा, भारत जोड़ने पर और जुडऩे पर बल देता है। मोदी ने कहा कि इसके बावजूद भारत जो करता है उसका क्रेडिट कभी नहीं चाहता। संभवत: पहली बार किसी प्रधानमंत्री की तरफ से शून्य के लिए रॉयल्टी के उल्लेख की नजीर बनाते हुए उन्होंने कहा, भारत जो करता है उसका क्रेडिट कभी नहीं चाहता। भारत ने शून्य दिया लेकिन कभी उसके लिए रॉयल्टी नहीं मांगता।

उनके पद संभालने के बाद देश की अर्थव्यवस्था में आई मजबूती का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 12-13 साल पहले चालू खाते का घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के चार प्रतिशत से भी अधिक था। अब यह घटकर 0.61 प्रतिशत रह गया है। देश के पास 700 अरब डॉलर से अधिक का विदेशी मुद्रा भंडार है और बैंकिंग तंत्र काफी मजबूत है। यही कारण है कि विभिन्न रेटिंग एजेंसियां भारत की सोवरेन रेटिंग अपग्रेड कर रही हैं। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), दिवाला संहिता और श्रमिक संहिता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि रिफॉर्म एक्सप्रेस आज तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दुनिया के सभी देशों को सं गच्छध्वं, सं वद्धवं, सं वो मनांसि जानताम् का मंत्र देते हुए मिलकर चलने, एक सुर में बोलने और मिलकर सोचने की अपील की।

Read More छात्राओं से छेड़छाड़ की शिकायतों पर सड़क पर उतरे एसपी, जीवाजीगंज में पुलिस ने बढ़ाई निगरानी

Tags: along

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

यूपीआई भुगतान पर नहीं लगेगा कोई शुल्क : एमडीआर को दीवाली तक टाला, त्योहारी मौसम को देखते हुए निर्णय यूपीआई भुगतान पर नहीं लगेगा कोई शुल्क : एमडीआर को दीवाली तक टाला, त्योहारी मौसम को देखते हुए निर्णय
एनपीसीआई ने 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा यूपीआई मर्चेंट भुगतान पर 0.4% एमडीआर शुल्क लागू करने का फैसला दिवाली...
रूस ने यूक्रेन के आपूर्ति रोबोटों को किया नष्ट : हमलावर ड्रोन को नष्ट करने से दुश्मन की निगरानी करने की क्षमता होगी सीमित
भजनलाल कैबिनेट की बैठक कल, प्रदेश से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना
गुलाबी नगरी में सारा-आयुष्मान का जलवा, थिरके कदम और बांटे जयपुर के दिलकश तजुर्बे
शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्ती : 2 दिन में 189 वाहन जब्त, न्यायालय भेजे जा रहे प्रकरण
Weather Update : राजस्थान में फिर बदलेगा मौसम, 14 से 16 अक्टूबर तक बारिश-तेज हवाओं का अलर्ट
पंचायती राज चुनाव-2026 : भाजपा में अब बागियों और नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने की कवायद शुरू