लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य की प्रगति : 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य, यातायात सुविधा में बड़ा सुधार होगा
यात्रा समय को कम करना
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण तेजी से प्रगति पर। 62.7 किमी लंबी इस परियोजना पर करीब 3700 करोड़ रुपये खर्च और मार्च 2026 तक पूरा होने की संभावना। छह लेन एक्सप्रेसवे में अंडरपास, फ्लाईओवर, पुल और एटीएमएस जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही।
लखनऊ। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माण कार्य में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। यह परियोजना भारतमाला परियोजना के अंतर्गत हाइब्रिड एन्यूटी मोड पर विकसित की जा रही है, जिसका उद्देश्य लखनऊ और कानपुर के बीच यातायात को सुगम बनाना तथा यात्रा समय को कम करना है।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि परियोजना के पैकेज–I के अंतर्गत किमी 10.980 से किमी 28.500 तक छह लेन एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। इस खंड की कुल लंबाई 17.52 किमी है। इस कार्य का प्रारंभ एक फरवरी 2023 को हुआ था। मूल रूप से कार्य पूर्ण होने की तिथि 31 जुलाई 2025 निर्धारित थी, जबकि संभावित पूर्णता तिथि 31 मार्च 2026 है। इस खंड में 400 केवी ईएचटी विद्युत लाइन (PGCIL) को स्कूटर इंडिया जंक्शन पर स्थानांतरित करने में हुई देरी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ था, जिसे अब सुलझा लिया गया है।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर वर्मा ने बताया कि परियोजना के पैकेज–II के अंतर्गत किमी 28.500 से किमी 73.744 तक कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे को छह लेन में उन्नत किया जा रहा है। इस खंड की कुल लंबाई 45.244 किमी है। इस कार्य की शुरुआत 01 नवंबर 2022 को हुई थी। मूल रूप से इसकी पूर्णता तिथि 08 मई 2025 निर्धारित थी, जबकि वास्तविक पूर्णता तिथि 01 अक्टूबर 2025 है।
पूरे एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 62.764 किमी (किमी 10.980 से किमी 73.744 तक) है। इस परियोजना की अनुमानित निर्माण लागत लगभग 3000 करोड़ रुपये तथा कुल परियोजना लागत लगभग 3700 करोड़ रुपये है।
परियोजना के अंतर्गत आधुनिक एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विशेष सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिनमें 11 वाहन अंडरपास (VUP), 13 लाइट वाहन अंडरपास (LVUP), 11 पैदल अंडरपास (PUP), 9.59 किमी लंबा फ्लाईओवर, 1 रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) तथा 4 प्रमुख पुल शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त पूरे एक्सप्रेसवे पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) स्थापित किया जा रहा है, जिसके तहत 63 पीटीजेड कैमरे, 21 इंटरचेंज कैमरे, 16 वीडियो इन्सिडेंट डिटेक्शन सिस्टम (VIDS) कैमरे तथा किमी 27 और किमी 35 पर दो कंट्रोल रूम बनाए जा रहे हैं।

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