मिडिल ईस्ट युद्ध लंबा चला तो एलपीजी संकट बढ़ने से बिजली विभाग के सामने बढ़ेगी चुनौती : इंडेक्शन की बढ़ती बिक्री के बाद लोड बढ़ने का सता रहा डर, सप्लाई में अंतर बढ़ने की आशंका
संकट बरकरार रहा तो डिमांड-सप्लाई में मिलेगी चुनौती
मिडिल ईस्ट युद्ध की आहट के बीच LPG संकट ने डिस्कॉम की चिंता बढ़ा दी है। इंडक्शन के बढ़ते उपयोग से बिजली मांग तेजी से बढ़ रही है। फिलहाल सप्लाई पर्याप्त है, लेकिन गर्मियों में बड़ा गेप संभव। CM भजनलाल ने 1500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मांगी है, वरना डिमांड-सप्लाई चुनौती बढ़ेगी।
जयपुर। मिडिल ईस्ट में युद्ध की खबरों के बीच एलपीजी संकट ने राजस्थान डिस्कॉम की चिंता भी बढ़ा दी है। एलपीजी संकट के डर से प्रदेश भर में इंडेक्शन की बढ़ती बिक्री के बाद बिजली डिमांड बढ़ने से लोड बढ़ने का डर सता रहा है। हालांकि इस महीने पर्याप्त बिजली उपलब्धता के चलते कोई परेशानी नजर नहीं आ रही, लेकिन आगामी महीनों में तेज गर्मी को देखते हुए बिजली डिमांड और सप्लाई में अंतर बढ़ने की आशंका बनी हुई है। बिजली विभाग सूत्रों की मानें तो अप्रेल, मई, जून में डिमांड और सप्लाई में पहले से ही बड़ा गेप है। ऐसे में सीएम भजनलाल शर्मा ने केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर केन्द्रीय पूल में से सितम्बर माह तक के लिए 1500 मेगावाट बिजली आवंटन का आग्रह किया है।
संकट बरकरार रहा तो डिमांड-सप्लाई में मिलेगी चुनौती
राजस्थान डिस्कॉम के पास मार्च में तो मांग के मुकाबले पर्याप्त बिजली उपलब्ध है, लेकिन अप्रेल से लेकर सितम्बर तक औसतन प्रतिदिन 50 लाख यूनिट से लेकर 289 लाख यूनिट तक का गेप दर्ज किया गया है। साथ ही शहरी क्षेत्रों एलपीजी के विकल्प के रूप में इंडेक्शन के बढ़ते उपयोग से बिजली की डिमाण्ड अनुमान से कही अधिक पहुंचने की स्थित बन गई है। मार्च में प्रदेशभर में बिजली की मांग में पिछले साल के मुकाबले ज्यादा बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। इसके पीछे का कारण ये है कि करीब 3500 मेगावाट के आसपास कुसुम के प्लांट फील्ड में लगे है, जिनसे पैदा हो रही बिजली लोकल लेवल की मांग को पूरा कर रही है।

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