छत्तीसगढ़ में बारिश का कहर: आकाशीय बिजली से बैगा दंपती की मौत, नदी के तेज बहाव में युवक बहा; तलाश जारी

बारिश जनित हादसों में तबाही

छत्तीसगढ़ में बारिश का कहर: आकाशीय बिजली से बैगा दंपती की मौत, नदी के तेज बहाव में युवक बहा; तलाश जारी
छत्तीसगढ़ में मानसून की भारी बारिश के बीच गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में आकाशीय बिजली गिरने से एक बैगा दंपती की मौत हो गई। वहीं बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में कन्हार नदी पर बने एनीकट को पार करते समय एक युवक पानी के तेज बहाव में बह गया। मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता के बीच रविवार को बारिश से जुड़ी दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक बैगा दंपती की मौत हो गई, जबकि बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में कन्हार नदी पर बने एनीकट को पार करने के दौरान एक युवक तेज बहाव में बह गया। उसकी तलाश की जा रही है। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले सात दिनों तक बारिश की गतिविधियां बने रहने तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में रविवार सुबह करीब नौ बजे एक युवक कन्हर नदी में बने एनीकट को पार कर रहा था। इस दौरान एनीकट के ऊपर से पानी का तेज बहाव चल रहा था। युवक झारखंड के गोदरमाना से छत्तीसगढ़ की ओर आ रहा था, तभी वह पानी के बहाव की चपेट में आकर बह गया। घटना के बाद युवक की तलाश की जा रही है। इधर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही थाना क्षेत्र अंतर्गत कटरा ढपनीपानी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से बैगा दंपती की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार मंगल सिंह अपनी पत्नी बिरस्पतिया बाई के साथ घर पर थे। तेज गड़गड़ाहट और मूसलाधार बारिश के बीच उनके मकान पर बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से दोनों आंगन में बेहोश हो गए।

घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने 108 संजीवनी एक्सप्रेस की सहायता से मंगल सिंह और बिरस्पतिया बाई को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मरवाही पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में अगले सात दिनों तक बारिश की गतिविधियां बने रहने की संभावना है। अगले 24 घंटे के दौरान उत्तर बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्टम बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। इसके बाद अगले दो दिनों तक भी प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है और कुछ स्थानों पर भारी बारिश तथा गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। शनिवार को रायपुर में सुबह से रुक-रुककर तेज बारिश हुई। बारिश के कारण सुंदरनगर क्षेत्र में महादेवघाट रोड पर जलभराव की स्थिति बनी। प्रदेश में एक जून से अब तक हुई मौसमी बारिश सामान्य श्रेणी में है, हालांकि कुल बारिश सामान्य से आठ प्रतिशत कम दर्ज की गई है।

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पिछले 24 घंटे के दौरान रामचंद्रपुर में सबसे अधिक 50 एमएम बारिश दर्ज की गई। पेंड्रा रोड और अंतागढ़ में 40-40 एमएम तथा रेंगाखार कला, पखांजूर और मरवाही में 30-30 एमएम बारिश हुई। सकौला, धनोरा, कोटाडोल, पोंडी बचरा और पौड़ी उपरोड़ा में 20-20 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं पसान, कोरबा, पेंड्रा, फरसगांव, दुर्ग, औंधी और गंगालूर समेत कई अन्य क्षेत्रों में 10-10 एमएम बारिश हुई।
राजधानी रायपुर में 23 अगस्त को आसमान बादलों से घिरा रहने का अनुमान है। शहर में बारिश अथवा गरज-चमक के साथ कई दौर की बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

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प्रदेश में शनिवार को सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया। एक जून से 22 अगस्त तक छत्तीसगढ़ में औसतन 778 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि की सामान्य बारिश 844.8 एमएम मानी जाती है। इस तरह प्रदेश में कुल मिलाकर सामान्य से आठ प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि जिलावार आंकड़ों में बड़ा अंतर है और सात जिलों में बारिश की कमी की स्थिति बनी हुई है।

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सरगुजा में 22 अगस्त तक 502.1 एमएम बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि तक 872.3 एमएम बारिश होनी चाहिए थी। इस प्रकार जिले में सामान्य से 42 प्रतिशत कम बारिश हुई है। बेमेतरा में 457.7 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य बारिश 772 एमएम है। यहां सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश हुई है। कांकेर में सामान्य से 40 प्रतिशत, जशपुर में 34 प्रतिशत, बस्तर में 27 प्रतिशत, कोंडागांव में 23 प्रतिशत और सुकमा में 20 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है।

दूसरी ओर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में प्रदेश की सर्वाधिक अतिरिक्त बारिश दर्ज की गई है। जिले में 1017 एमएम बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 673.7 एमएम है। इस प्रकार यहां सामान्य से 51 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई है। बलरामपुर में सामान्य से 43 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। मुंगेली में 32 प्रतिशत, महासमुंद में 23 प्रतिशत और बलौदाबाजार में 22 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

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