रामपुरा-कंवरपुरा स्कूल एक ही तबेला नहीं : 1210 स्कूल जमींदोज किए जाने के इंतजार में, 611 स्कूल बिना भवनों के संचालित
2047 स्कूलों में शौचालय, 1049 स्कूलों में पेयजल सुविधा नहीं
जयपुर। रामपुरा-कंवरपुरा का एक ही स्कूल ‘तबेला’ नहीं, प्रदेश के 1210 स्कूल जमींदोज किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। 611 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जो बिना बिल्डिंग चल रहे हैं। सरकार ने इन 3768 जर्जर स्कूलों को एक साल पहले पूरी तरह जमींदोज किए जाने की सिफारिश थी, लेकिन एक साल से अधिक समय गुजरने के बाद अभी तक 1210 स्कूल जमींदोज किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। सरकार ने झालावाड़ में सरकारी स्कूल की छत गिरने से हुए हादसे के बाद जिला कलेक्टरों के माध्यम से 45365 स्कूलों का सर्वे कराया था, जिसमें से 41178 विद्यालयों की वृहद्ध स्तर पर मरम्मत की आवश्यकता जताई है। विधायक संदीप शर्मा के प्रश्न के जवाब में सरकार ने उक्त जवाब में बताया कि 2025-26 अन्तर्गत दो हजार राजकीय विद्यालयों के लिए वृहद मरम्मत गतिवधि के लिए 17497.51 लाख स्वीकृत किए हैं, जिनका काम चल रहा है।
611 स्कूल बिना भवनों के संचालित
प्रदेश के 611 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जो बिना भवनों के संचालित हो रहे हैं। विपक्ष के नेता टीकाराम जूली के विधानसभा में प्र्रश्न के जवाब में सरकार ने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के यूडीआईएसई-2025-26 के आंकड़ों के अनुसार 611 स्कूलों में से दस बालिका विद्यालय शामिल हैं। जयपुर जिले में सबसे अधिक 38 स्कूल बिना भवन के चल रहे हैं। झालवाड़ के अकलेरा में 23, खानपुर में 16 और झालरापाटन में 11 स्कूल ऐसे हैं।
2047 स्कूलों में शौचालय, 1049 स्कूलों में पेयजल सुविधा नहीं
प्रदेश के 64, 484 सरकारी स्कूलों में से 2047 स्कूलों में शौचालय और 1049 स्कूलों में पेयजल की सुविधा नहीं हैं। बांसवाड़ा में सबसे अधिक 188 स्कूल ऐसे हैं,जहां शौचालय नहीं हैं। दौसा में 96 स्कूलों में पेयजल सुविधा नहीं हैं।
किस जिले में कितने जर्जर स्कूल
प्रदेश के जयपुर जिले में 183 स्कूल जर्जर हालत में है। अजमेर जिले में 48, अलवर में 51, बालोतरा में 44, बांसवाड़ा में 57, बारां में 36, बाडमेर में 62, भीलवाड़ा में 119, बीकानेर में 57, धौलपुर में 59, डिडवाना-कुचामन में 59, कोटा में 79, पाली में 64, नागौर में 49 स्कूलों की हालत बदत्तर है इन स्कूलों के भवन कभी भी गिर सकते है। राज्य सरकार ने प्रदेश की ऐसी करीब दो हजार स्कूलों में 17497.51 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं।
इनका कहना है
‘सरकारी विद्यालयों के सÞदृढीकरण की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राजस्थान में सरकारी विद्यालयों को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए निरन्तर कार्य किया जा रहा है। आधारभूत सुविधाओं,भवन निर्माण और मरम्मत, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है।’
- मदन दिलावर, शिक्षा मंत्री, राजस्थान
सरकार ने विधानसभा में मेरे सवाल के जवाब में बताया कि प्रदेश के 64, 484 सरकारी स्कूलों में से 2047 स्कूलों में शौचालय और 1049 स्कूलों में पेयजल की सुविधा नहीं हैं। 611 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जो बिना भवनों के संचालित हो रहे हैं। रामपुरा-कंवरपुरा का एक ही स्कूल ‘तबेला’ नहीं हैं बल्कि पूरे प्रदेश के स्कूलों की हालात खराब हैं।’
-टीकाराम जूली, विपक्ष के नेता राज्य विधानसभा
स्कूलों की मरम्मत समय-समय होनी चाहिए। बच्चे बिना स्कूल के पढ़े, छत गिर जाए,बच्चे मारे जाए बहुत ही दुखद है।
-प्रो.बीएम शर्मा, पूर्व अध्यक्ष,आरपीएससी,अजमेर

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