दस नगर निगमों में पर्यवेक्षक नियुक्त, निकाय चुनाव में भाजपा 4 स्तर पर जांच करने के बाद ही देगी टिकट
चुनाव जीतने की संभावना को लेकर जुटाएगी फीडबैक
जयपुर। प्रदेश में निकाय चुनाव निकाय में भाजपा दावेदारों की चार स्तर पर जांच करने के बाद ही टिकट देगी। उम्मीदवार घोषित करने को लेकर पार्टी ने संगठन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा में उच्च स्तर पर निर्णय लिया गया है कि टिकट सिफारिश या स्थानीय प्रभाव के आधार पर नहीं, बल्कि सर्वे, स्थानीय संगठन की रिपोर्ट, प्रदेश से भेजे गए प्रभारी-पर्यवेक्षकों के फीडबैक और प्रदेश स्तरीय चुनाव चयन समिति के निर्णय के आधार दिए जाएंगे। इस बार भाजपा का फोकस ऐसे चेहरों पर रहेगा, जिनकी स्थानीय स्तर पर पकड़ मजबूत हो और जो संबंधित वार्ड या निकाय में पार्टी के लिए जीत की संभावना बढ़ा सके।
इन स्तरों पर दावेदारों की जांच: टिकट दावेदारों को सबसे पहले सर्वे एजेंसी की रिपोर्ट से गुजरना होगा। पहले चरण में पार्टी संभावित दावेदारों की लोकप्रियता, स्थानीय पकड़, संगठन में सक्रियता और चुनाव जीतने की संभावना को लेकर फीडबैक जुटाएगी। सर्वे में यह भी देखा जाएगा कि संबंधित दावेदार की अपने वार्ड में स्वीकार्यता कितनी है और उसके पक्ष में स्थानीय समीकरण किस तरह के हैं। दूसरे चरण में स्थानीय चुनाव प्रभारी और संगठन से जुड़े पदाधिकारी अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे।
इसमें वार्ड के स्थानीय समीकरण, जातीय और सामाजिक समीकरण, पिछले चुनाव का प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं के बीच दावेदार की स्थिति और जनता के बीच उसकी पकड़ जैसे पहलुओं को शामिल किया जा सकता है। तीसरे चरण में पार्टी प्रभारी और पर्यवेक्षक मैदान में उतरेंगे। ये नेता स्थानीय स्तर से मिले फीडबैक और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर दावेदारों की स्थिति का आकलन करेंगे। उनकी रिपोर्ट को टिकट चयन की प्रक्रिया में अहम माना जा रहा है। चौथे और अंतिम चरण में प्रदेश स्तरीय चुनाव चयन समिति सभी रिपोर्ट पर मंथन करेगी। फीडबैक के समिति प्रत्याशियों के नाम पर आखिरी फैसला लेगी।

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