राजस्थान में सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल: हादसे रोकने पर 343 करोड़ खर्च, फिर भी नहीं थमी मौतों की रफ्तार
सड़क सुरक्षा पर CAG रिपोर्ट
जयपुर। राजस्थान में सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार और विभागों की ओर से लगातार प्रयास और करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन सड़क हादसों में मौतों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा। हाल ही में सामने आई नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की रिपोर्ट ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट 2018-19 से 2024-25 की अवधि की सड़क सुरक्षा व्यवस्था के प्रदर्शन की समीक्षा पर आधारित है और 21 अगस्त 2026 को विधानसभा में पेश की गई। राज्य में सड़क सुरक्षा पर करीब 343 करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बावजूद हादसों में होने वाली मौतों में अपेक्षित कमी नहीं आई। ऑडिट में सड़क सुरक्षा उपायों के क्रियान्वयन में कमियों को गंभीरता से रेखांकित किया गया है।
रिपोर्ट में नवंबर 2025 तक हुई कुछ घातक दुर्घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है, ताकि सुरक्षा उपायों के कमजोर क्रियान्वयन के गंभीर परिणाम सामने आ सकें। राजस्थान में सड़क हादसों का पुराना आंकड़ा भी चिंता बढ़ाता है। वर्ष 2022 में 23,614 हादसों में 11,104 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2023 में हादसे बढ़कर 24,705 और मृतकों की संख्या 11,762 हो गई। यानी एक साल में 658 अधिक लोगों की जान गई। हाईवे हादसों की स्थिति भी गंभीर है। वर्ष 2025 में राजस्थान में हाईवे दुर्घटनाओं में 4,524 लोगों की मौत हुई, जो 2024 के 4,285 के मुकाबले अधिक है। खास बात यह है कि देशभर में हाईवे मौतों में कमी दर्ज की गई, जबकि राजस्थान में बढ़ोतरी हुई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सड़क सुरक्षा पर खर्च हो रही बड़ी रकम का असर जमीन पर क्यों नहीं दिख रहा।

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