सौरभ भारद्वाज की बढ़ी मुश्किलें : जनकपुरी पॉक्सो मामले में नाबालिग की पहचान उजागर करने पर प्राथमिकी दर्ज, स्कूल की शिक्षिका गिरफ्तार
स्कूल बाल सुरक्षा और निगरानी तंत्र में गंभीर खामियां
नई दिल्ली। पश्चिम दिल्ली के जनकपुरी इलाके स्थित एक पब्लिक स्कूल में यौन उत्पीड़न की शिकार तीन वर्षीय बच्ची की पहचान उजागर करने के मामले में जनकपुरी थाने में आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 72, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 74 और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 23(4) के तहत दर्ज की गयी है, जो पीड़ित बच्चों की पहचान उजागर करने को प्रतिबंधित करती हैं।
यह घटनाक्रम जनकपुरी के एक पब्लिक स्कूल में नर्सरी की तीन वर्षीय छात्रा के यौन उत्पीड़न की जांच के दौरान सामने आया है। पीड़िता के परिवार ने इस संदर्भ में एक मई को शिकायत दर्ज करायी थी। इसके बाद इस मामले में विद्यालय के एक 57 वर्षीय केयर टेकर को गिरफ्तार किया गया था। बाद में आरोपी को द्वारका अदालत ने जमानत दे दी थी।
मामले में कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने सबूत जुटाने के बाद विद्यालय की एक महिला शिक्षिका को भी गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने आगे की पूछताछ के लिए शिक्षिका को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस मामले में दिल्ली सरकार ने गंभीर रूख् अपनाया है और स्कूल प्रशासन को अपने हाथ में लेने पर विचार कर रही है, क्योंकि स्कूल बाल सुरक्षा और निगरानी तंत्र में गंभीर खामियों को लेकर शिक्षा विभाग के कारण बताओ नोटिस का जवाब देने में विफल रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Comment List