जेपीएनआईसी को लेकर सपा फैला रही भ्रम, इसे नहीं बेचा गया: भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को बताया झूठा
JPNIC संपत्ति के निजीकरण के दावों का खंडन
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लखनऊ स्थित जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि सपा जनता को गुमराह करने के लिए झूठ बोल रही है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि जेपीएनआईसी को बेचा नहीं गया है, बल्कि उसके रखरखाव और संचालन के लिए निर्धारित शर्तों पर लीज पर दिया गया है। संपत्ति का स्वामित्व लखनऊ विकास प्राधिकरण के पास ही रहेगा।
त्रिपाठी ने कहा कि जेपीएनआईसी समाजवादी पार्टी सरकार के भ्रष्टाचार और वित्तीय कुप्रबंधन का जीता-जागता उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग करते हुए परियोजना की लागत लगातार बढ़ाई गई और इसके बावजूद काम लंबे समय तक अधूरा रहा। अब सरकार ने इसे बेहतर तरीके से संचालित और विकसित करने का रास्ता निकाला है।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को पहले यह बताना चाहिए कि उनकी सरकार के दौरान जेपीएनआईसी की लागत और निर्माण की स्थिति क्या थी। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में निजी समूह संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगा, जबकि संपत्ति सरकार के नियंत्रण में ही रहेगी।
राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश यादव के कांग्रेस के साथ राजनीतिक संबंधों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘जयप्रकाश नारायण जी ने जिस कांग्रेस के खिलाफ आंदोलन किया था, आज उसी कांग्रेस की गोद में समाजवादी पार्टी बैठी है।’’ उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय अपने दल की विरासत और जेपीएनआईसी से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सपा अध्यक्ष का जेपीएनआईसी को ‘‘बेचने’’ का आरोप तथ्यों से परे है। सरकार का निर्णय संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी देने से संबंधित है, न कि संपत्ति का स्वामित्व हस्तांतरित करने से।

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