त्रिपुरा कांग्रेस का केंद्र पर हमला: भाजपा के सत्ता में आने के बाद लोकतंत्र हुआ कमजोर, जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी पर उठाया सवाल
CEC ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग
अगरतला। त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष आशीष कुमार साहा ने आरोप लगाया कि 2018 में प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के सत्ता में आने के बाद से राज्य में लोकतंत्र कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद मतदाताओं को सभी चुनावों में धमकियों और रुकावटों का सामना करना पड़ा है। साहा ने अगरतला में प्रदेश कांग्रेस भवन के बाहर कांग्रेस सेवा दल के धरने में यह बात की, जहाँ पार्टी के सदस्यों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग की।
उन्होंने दावा किया कि मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक पहुँचने से रोका गया और कुछ लोगों ने वोट देने की कोशिश की, उन्हें दबाव और परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने सत्तारुढ़ पार्टी पर नतीजों को प्रभावित करने के लिए कथित चुनाव उल्लंघन और डराने-धमकाने का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। साहा ने कुमार को संबोधित करते हुए कहा कि जिन लोगों ने कथित तौर पर चुनाव प्रक्रिया को कमजोर किया है, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने कहा, तैयार रहें। जिस दिन इस देश और राज्य में हालात बदलेंगे, उसी दिन आपको जेल जाना होगा।
उन्होंने भाजपा की केंद्र सरकार की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि संसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त को गिरफ्तारी से बचाने के लिए एक कानून पास किया है। उन्होंने राज्य सरकार के इस दावे को चुनौती दी कि चुनाव निष्पक्ष थे और चुनाव आयोग के बारे में मुख्यमंत्री की हालिया टिप्पणियों का जिक्र किया। साहा ने राज्य सरकार पर कानून व्यवस्था, नौकरियों और सार्वजनिक प्रशासन में विफल होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में लोगों के अधिकारों को सीमित किया जा रहा है और यह आरोप भी लगाया कि प्रशासन का इस्तेमाल राजनीतिक मकसद के लिए किया जा रहा है। उन्होंने सरकार के जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी के दावे पर सवाल उठाया और कहा कि संगठित चोरी और दूसरी कथित गड़बड़यिों ने राज्य में हालात और खराब कर दिए हैं।

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