बंगाल में वोटिंग का धमाल : पहले चरण की 152 सीटों पर रिकॉर्ड तोड़ मतदान; हिंसा की छाया में मतदान, कई जगह झड़पें और बमबाजी
लोकतंत्र का महापर्व: बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड तोड़ मतदान
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पहले चरण में देर रात तक रिकॉर्ड तोड 92.07 प्रतिशत मतदान हुआ। राज्य के दक्षिण दिनाजपुर जिले में सबसे अधिक 94.50 प्रतिशत और केलिमपोंग जिले में सबसे कम 82.89 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके अलावा अलीपुरद्वार में 90.28, बांकुरा में 91.34, बीरभूम में 93.37, कूचबिहार में 94.12, दार्जिलिंग में 87.91, जलपाईगुडी में 92.85, झारग्राम में 91.74, मालदा में 91.90, मुर्शिदाबाद में 92.76 प्रतिशत मतदान हुआ।
राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से पहले चरण में गुरुवार को 152 सीटों पर मतदान समाप्त हो गया है। मतदान सुबह सात बजे से शुरू हो गया और शाम छह बजे तक चला। पश्चिम बंगाल में कुल 6.44 करोड़ मतदाता हैं। मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच है। मतगणना चार मई को होगी और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।
महाराष्ट्र-गुजरात उपचुनाव: 50% से ज्यादा मतदान
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के साथ-साथ महाराष्ट्र की दो विधानसभा सीटों और गुजरात की एक सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान हुआ। जहां महाराष्ट्र के बारामती में पांच बजे तक 58.91 प्रतिशत और राहुरी में 55.17 प्रतिशत तथा गुजरात के उमरेथ में 58.91 प्रतिशत मतदान हुआ।
तमिलनाडु में भी बंपर वोटिंग
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में गुरूवार देर रात तक 84.93 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले, जो अपने आप में रिकॉर्ड तोड़ मतदान है। मतदान प्रतिशत दर्शाता है कि मतदाताओं ने वोटिंग को लेकर खासे उत्साह का प्रदर्शन किया। तमिलनाडु में एक ही चरण में चुनाव कराया गया है। राज्य की सभी 234 सीटों के लिए मतदान गुरुवार सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे तक चला। राज्य के करुर जिले में शुरुआती शाम पांच बजे तक सबसे अधिक 92.38 प्रतिशत और कन्याकुमारी जिले में सबसे कम 75.56 प्रतिशत मतदान हुआ। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 83.36 प्रतिशत मतदान हुआ। मतगणना चार मई को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे।

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