कोडरमा में जंगली हाथी का कहर: महुआ चुनने गई महिला की मौत, 4 दिनों में 3 लोगों की खा गए जिंदगी
हाथी का आतंक: कोडरमा में महिला की दर्दनाक मौत, ग्रामीणों में भारी रोष
झारखंड के कोडरमा में जंगली हाथी के हमले में 55 वर्षीय सीता देवी की मौत हो गई। महुआ चुनने गई महिला को हाथी ने पटक-पटक कर मार डाला। वन विभाग ने ₹25,000 की तत्काल सहायता और ₹4 लाख के मुआवजे का आश्वासन दिया है। क्षेत्र में लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और भय व्याप्त है।
रांची। झारखंड के कोडरमा जिले के मरकच्चो थाना क्षेत्र अंतर्गत जामू स्थित हरलाडीह गांव में रविवार सुबह एक दर्दनाक घटना में जंगली हाथी के हमले से एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान 55 वर्षीय सीता देवी के रूप में हुई है, जो रामचंद्र साहू की पत्नी थीं। परिजनों के अनुसार, सीता देवी सुबह करीब 5:30 बजे गांव की अन्य महिलाओं के साथ जंगल में महुआ चुनने गई थीं। इसी दौरान अचानक एक जंगली हाथी वहां पहुंच गया। हाथी को देखते ही अन्य महिलाएं अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहीं, लेकिन सीता देवी समय पर नहीं निकल सकीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाथी ने सीता देवी को अपनी सूंड से उठाकर जमीन पर दो से तीन बार पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद साथ गई महिलाओं ने शोर मचाया, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह हाथी को वहां से खदेड़ा। इस घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं लगातार बढ़ रही हाथियों की गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। परिजनों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों को भगाने के लिए विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। जानकारी के अनुसार, कोडरमा जिले में बीते एक वर्ष के दौरान हाथियों के हमलों में एक दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। वहीं पिछले एक सप्ताह में ही दो महिलाओं और एक पुरुष की मौत हो चुकी है, जिससे लोगों में भय का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
डीएफओ सौमित्र शुक्ला ने बताया कि मृतका के परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपये दाह-संस्कार के लिए दिए जाएंगे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद वन अधिनियम के तहत चार लाख रुपये तक मुआवजा प्रदान किया जाएगा। साथ ही क्षेत्र में हाथियों को खदेड़ने के लिए चार टीमें तैनात की गई हैं।

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