यात्रिगण कृपया ध्यान दें! ट्रेन लेट होने पर मिलेगा पूरा रिफंड, जानें क्या कहता है IRCTC का नियम ?
ट्रेन लेट होने पर मिलेगा पूरा पैसा: जानें नियम
ट्रेन 3 घंटे से अधिक लेट होने पर यात्री 100% रिफंड पा सकते हैं। ई-टिकट धारकों को TDR फाइल करना होगा, जबकि काउंटर टिकट स्टेशन पर सरेंडर कर पूरा पैसा वापस मिलेगा।
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण नियम लागू करता है, जिसमें ट्रेन के देरी से चलने पर पूरा टिकट रिफंड मिल सकता है। अगर आपकी ट्रेन अपने बोर्डिंग स्टेशन से निर्धारित समय से 3 घंटे या उससे अधिक लेट हो रही है और आप यात्रा नहीं करना चाहते, तो आपको पूरा पैसा वापस मिल सकता है। कोई कैंसिलेशन चार्ज नहीं कटता, चाहे टिकट कन्फर्म हो, RAC हो या वेटलिस्टेड। यह नियम IRCTC की आधिकारिक रिफंड पॉलिसी का हिस्सा है, जो यात्रियों को अनावश्यक नुकसान से बचाने के लिए बनाया गया है। यह सुविधा केवल तभी लागू होती है जब यात्री सफर नहीं करता। अगर आप ट्रेन में चढ़ गए हैं, तो रिफंड नहीं मिलेगा। टाटकल टिकट के लिए भी यही नियम लागू है-कन्फर्म टाटकल टिकट पर सामान्य कैंसिलेशन में रिफंड नहीं मिलता, लेकिन 3 घंटे से ज्यादा देरी पर फुल रिफंड संभव है।
रिफंड के लिए पात्रता की शर्तें
रेलवे नियमों के अनुसार, यदि आपकी ट्रेन अपने प्रारंभिक स्टेशन से 3 घंटे या उससे अधिक देरी से चल रही है, तो आप टिकट कैंसिल कराकर 100% रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। यह नियम Confirmed, RAC और Waiting List तीनों प्रकार के टिकटों पर समान रूप से लागू होता है। ध्यान रहे कि यदि यात्री ट्रेन के लेट होने के बावजूद उसमें सफर करता है, तो कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा।
कैसे करें रिफंड क्लेम? (ऑनलाइन और ऑफलाइन)
ई-टिकट (Online Ticket): अगर आपने IRCTC की वेबसाइट या ऐप से टिकट बुक किया है, तो आपको ट्रेन के वास्तविक प्रस्थान से पहले TDR (Ticket Deposit Receipt) फाइल करना होगा। TDR फाइल करते समय 'Train Late More Than Three Hours' का विकल्प चुनें। रिफंड का पैसा 3 से 7 वर्किंग डेज में आपके मूल बैंक खाते में क्रेडिट हो जाएगा।
काउंटर टिकट (Window Ticket): यदि टिकट रेलवे काउंटर से लिया गया है, तो यात्री को संबंधित स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर पर जाकर अपना टिकट सरेंडर करना होगा। वहां औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नकद रिफंड मिल जाता है।
जरूरी सावधानी
यात्री इस बात का विशेष ध्यान रखें कि ट्रेन के रवाना होने के बाद टिकट कैंसिल करने या टीडीआर फाइल करने पर रिफंड नहीं मिलता है। साथ ही, चार्ट तैयार होने के बाद ऑनलाइन टिकट कैंसिल नहीं होते, इसलिए टीडीआर फाइल करना ही एकमात्र विकल्प बचता है।

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