उन्नाव रेप: कुलदीप सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका, पिता की मौत मामले में सज़ा निलंबित करने से इनकार
दिल्ली हाई कोर्ट ने पीड़िता के पिता की मौत के मामले में सेंगर की सज़ा निलंबित करने की याचिका खारिज की
दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार (19 जनवरी, 2026) को उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में बीजेपी से निकाले गए नेता कुलदीप सिंह सेंगर को दी गई 10 साल की सज़ा को निलंबित करने से इनकार कर दिया।
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार, 19 जनवरी 2026 को उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को राहत देने से मना कर दिया। जस्टिस रविंदर डुडेजा ने सेंगर की 10 साल की सज़ा को निलंबित करने वाली याचिका को खारिज करते हुए कहा कि राहत का कोई ठोस आधार नहीं है।
अदालत की सख्त टिप्पणी
अदालत ने कहा कि हालांकि सेंगर लंबे समय से जेल में है, लेकिन उसकी अपील पर सुनवाई में देरी का मुख्य कारण खुद उसके द्वारा बार-बार दायर की गई याचिकाएं हैं। ट्रायल कोर्ट ने मार्च 2020 में सेंगर को गैर-इरादतन हत्या (IPC 304) और साजिश रचने का दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई थी। पीड़िता के पिता की 9 अप्रैल 2018 को पुलिस कस्टडी में बर्बर पिटाई के कारण मौत हो गई थी।
सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख
गौरतलब है कि मुख्य दुष्कर्म मामले (नाबालिग से रेप) में सेंगर को उम्रकैद की सजा मिली हुई है। दिसंबर 2025 में हाई कोर्ट ने उस सजा पर रोक लगाई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 29 दिसंबर 2025 को उस आदेश पर तत्काल रोक लगा दी। अब हाई कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 3 फरवरी 2026 को करेगा। पीड़िता के वकील ने दलील दी कि सेंगर की रिहाई से पीड़ित परिवार की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।

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