लचर सिस्टम के फेर में अटका 20 करोड़ की लागत से बना सैटेलाइट अस्पताल : करीब नौ महीने पहले बनकर तैयार हो चुका हॉस्पिटल, अब विभागीय लेटलतीफी का हो रहा शिकार
पांच लाख से ज्यादा मरीज कर रहे इंतजार
किशनपोल विधानसभा क्षेत्र के गोपीनाथ मार्ग स्थित सैटेलाइट अस्पताल को उद्घाटन का इंतजार। चिकित्सा विभाग की लेटलतीफी के कारण शुरू नहीं हुआ। एसएमएस से बोझ होगा कम बड़ी आबादी होगी कवर। विधायक अमीन कागजी के प्रयासों से सैटेलाइट अस्पताल की रखी गई नींव।
जयपुर। जयपुर के एसएमएस से मरीजों का बोझ कम करने और चारदीवारी क्षेत्र व उसके आसपास के पांच लाख से ज्यादा मरीजों को घर के नजदीक ही इलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से बनकर तैयार किशनपोल विधानसभा क्षेत्र के गोपीनाथ मार्ग स्थित सैटेलाइट अस्पताल को उद्घाटन का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। करीब नौ महीने से यह सैटेलाइट अस्पताल बनकर तैयार है लेकिन सरकारी स्तर पर चिकित्सा विभाग की लेटलतीफी के कारण अभी तक यह मरीजों के लिए शुरू नहीं हो पाया है।
एसएमएस से बोझ होगा कम बड़ी आबादी होगी कवर
पूर्ववर्ती सरकार के दौरान स्थानीय विधायक अमीन कागजी के प्रयासों से इस क्षेत्र में सैटेलाइट अस्पताल की नींव रखी गई। चारदीवारी और आसपास के क्षेत्र के लोगों को पास ही इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए इस अस्पताल के शुरू होने से करीब पांच लाख लोगों को घर के नजदीक ही इलाज मुहैया हो सकेगा। ओपीडी, आईपीडी से लेकर इमरजेंसी तक की आधुनिक सुविधाएं यहां मिल सकेगी।
50 बेड की क्षमता तीन मंजिला भवन
इस अस्पताल की कुल लागत करीब 20 करोड़ रुपए आई है। इस तीन मंजिला भवन में 50 बेड होंगे। साथ ही ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी, लेबर रूम, एसएनसीयू जैसी सुविधाएं इसमें होंगी।
ये बोले विधायक
सैटेलाइट अस्पताल करीब नौ महीने से बनकर तैयार है। लेकिन सरकार इसे शुरू करने में दिलचस्पी नहीं ले रही है। मरीजों के हित में इसे शुरू करने के लिए मैं खुद विधायक कोटे से मशीनों और उपकरणों के लिए पैसे देने को तैयार हूं। मैंने चिकित्सा मंत्री और विभाग के अधिकारियों को कई बार पत्र लिखे हैं लेकिन कोई जवाब नहीं है।
-अमीन कागजी, विधायक किशनपोल।
ये बोले अधिकारी
सैटेलाइट अस्पताल बनकर तैयार है। स्टाफ की भर्ती हो चुकी है। दवाईयां और जांच की प्रक्रिया भी पूरी है। बिजली कनेक्शन पहले लिया था लेकिन काम में नहीं आने के कारण कनेक्शन कट गया है। फिर से कनेक्शन और बाकी प्रक्रिया पूरी करवाकर जल्द ही इसे शुरू कर दिया जाएगा।
-डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, निदेशक, जनस्वास्थ्य।

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