आउट ऑफ टर्न नियुक्ति और अनुदान राशि के भुगतान में देरी पर खेलमंत्री सख्त : खेल परिषद में तैनात की डीओआईटी की टीम, खुद रखेंगे निगरानी
बदला अनुदान शाखा का प्रभारी
पदक विजेता खिलाड़ियों की लंबित अनुदान और आउट ऑफ टर्न नौकरियों पर खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने सख्ती दिखाई। Rajasthan State Sports Council में डीओआईटी की टीम तैनात की गई। 8 हजार से अधिक अनुदान और 150 नौकरी मामले लंबित हैं।
जयपुर। प्रदेश के खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न आधार पर नौकरी देने और अनुदान राशि के लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए अब खेलमंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने सीधे तौर पर निगरानी शुरू कर दी है। अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि के भुगतान में आ रही देरी को गंभीरता से लेते उन्होंने सख्त कदम उठाए हैं। खेलमंत्री के निर्देश पर सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीओआईटी) के आठ प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारियों की टीम को राजस्थान खेल परिषद में तैनात किया गया है। इनमें से छह कर्मचारियों ने मंगलवार को ही सवाई मानसिंह स्टेडियम स्थित खेल परिषद कार्यालय में कार्यभार संभाल लिया। ये लंबित फाइलों का त्वरित निस्तारण करेंगे और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाएंगे।
अनुदान के 8 हजार से ज्यादा मामले लंबित :
पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलने वाली अनुदान और प्रोत्साहन राशि के आठ हजार से ज्यादा मामले लंबित हैं। इसके साथ ही करीब डेढ़ सौ से ज्यादा आउट ऑफ टर्न नौकरी के आवेदन लंबित हैं।
खिलाड़ियों से मिले फीडबैक के बाद ली कर्मचारियों की क्लास :
गौरतलब है कि हाल ही में खेलमंत्री जब सवाई मानसिंह स्टेडियम के दौरे पर पहुंचे थे, तब उन्हें बड़ी संख्या में लंबित मामलों की शिकायतें मिली थीं। खिलाड़ियों ने आउट ऑफ टर्न नियुक्ति और अनुदान व प्रोत्साहन राशि के भुगतान में अनावश्यक देरी की बात रखी थी। ये भी शिकायत आई कि प्रशिक्षक ग्राउण्ड पर नहीं पहुंचते और कर्मचारी अपनी सीटों पर नहीं मिलते। इसके बाद खेलमंत्री ने परिषद स्टाफ के साथ मीटिंग की, जिसमें वे खासे नाराज नजर आए।
बदला अनुदान शाखा का प्रभारी :
खिलाड़ियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए खेलमंत्री ने तत्काल प्रभाव से अनुदान और आउट ऑफ टर्न शाखा के प्रभारी को हटा दिया और स्पोर्ट्स मैनेजर नरेंद्र भूरिया को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। यही नहीं आउट ऑफ टर्न नियुक्ति और अनुदान राशि भुगतान के लिए एक स्पेशल सेल बनाने के भी निर्देश दिए। खेलमंत्री परिषद कर्मचारियों की काम की रफ्तार पर भी खासे नाराज नजर आए।

Comment List