बदलाव, एकता, संविधान की रक्षा के लिए राजनीतिक शक्ति जरूरी, BJP-RSS धर्म के नाम पर लोगों को बांटते हैं: खड़गे
विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने पर जोर
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि देश में बदलाव लाने, एकता बनाए रखने, आजादी को कायम रखने और संविधान की रक्षा के लिए मज़बूत राजनीतिक शक्ति होना जरूरी है। खरगे ने गुरुवार को यहां 'रचनात्मक कांग्रेस' के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश में राजनीतिक शक्ति के बिना व्यापक बदलाव लाना और संविधान तथा लोकतंत्र की रक्षा करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के समर्थन से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता में आई लेकिन सत्ता में आने के बाद उसके कुछ नेताओं ने यह कहना शुरू कर दिया कि भाजपा अपने पैरों पर खड़ी होकर सरकार बना सकती है और उसे आरएसएस की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस एक-दूसरे को मजबूत करते हैं, जबकि लोगों को धर्म के नाम पर बांटते हैं और ऐसा करना देश हित में नहीं है। खरगे ने कहा कि देश में रचनात्मक कार्यक्रम होने चाहिए, जिनसे प्रत्येक व्यक्ति आर्थिक और सामाजिक रूप से आगे बढ़ सके। विकास का लाभ केवल कॉरपोरेट और उद्योगपतियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिलना चाहिए।
संसद की कार्यवाही को लेकर विपक्ष पर लगाए जाने वाले आरोपों पर उन्होंने कहा कि संसद केवल प्रधानमंत्री की तस्वीर दिखाने के लिए नहीं है। सांसद जनता की आवाज उठाने के लिए संसद में आते हैं और वहां सभी विचारों को सुना जाना चाहिए। उन्होंने मीडिया से भी सभी पक्षों के विचारों को सामने रखने की अपेक्षा जताई। खरगे ने कहा कि देश की आजादी के संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले नेताओं के बारे में भी जनता को बताया जाना चाहिए। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, विद्यालयों और इंजीनियरिंग कॉलेजों सहित अनेक संस्थानों के निर्माण में कांग्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने कहा कि आज देश में बड़ी संख्या में डॉक्टर, इंजीनियर, अर्थशास्त्री और कारोबारी हैं, लेकिन इनके निर्माण में पहले की सरकारों और संस्थानों के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। खरगे ने कहा कि इतिहास को समझे बिना देश के निर्माण में योगदान देने वाले नेताओं की आलोचना करना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे देश के लोकतंत्र, संविधान और आजादी की रक्षा के लिए मजबूती से संघर्ष करें, क्योंकि आज की पीढ़ी यदि देश के लिए नहीं लड़ेगी तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य प्रभावित होगा।

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