Ujjain Rape Case पर बोली कांग्रेस- मध्य प्रदेश में दलित, आदिवासी और महिला होना एक पाप हो गया है

प्रदेश महिलाओं और बच्चियों के लिए असुरक्षित

Ujjain Rape Case पर बोली कांग्रेस- मध्य प्रदेश में दलित, आदिवासी और महिला होना एक पाप हो गया है

कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के लिए राज्य की भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि उज्जैन की इस घटना को दबाने के लिए शिवराज सरकार ने कई तरह के प्रयास किए हैं

नई दिल्ली। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के लिए राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि उज्जैन की इस घटना को दबाने के लिए शिवराज सरकार ने कई तरह के प्रयास किए हैं और इस मामले में राज्य सरकार की भूमिका से साबित हो गया है कि यह प्रदेश महिलाओं और बच्चियों के लिए असुरक्षित है।

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार का जंगलराज चल रहा है जहां महिला होना अपराध बन चुका है। राज्य में कुछ साल में 13 लाख महिलाएं लापता हुई हैं। मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार के राज में महिलाओं, दलितों और आदिवासियों के लिए नर्क बन चुका है और वहां हर दो घंटे में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म होता है। नाबालिग दुष्कर्म के मामले में मध्य प्रदेश पहले स्थान पर आ चुका है।

उन्होंने कहा कि उज्जैन की जिस बच्ची के साथ दरिंदगी हुई है उसके साथ घटी इस घटना को छिपाने का प्रयास किया गया और बच्ची को भीख मांगने वाली तथा उत्तर प्रदेश की रहने वाली बताकर मामले की कोशिश हुई है। यह 12 साल की बच्ची मध्य प्रदेश के सतना की रहने वाली है और एक दलित परिवार से आती है। इस बच्ची को साजिशन लीपापोती कर उत्तर प्रदेश की मानसिक विक्षिप्त भिखारी बताया जा रहा था। जब वह बच्ची स्कूल से घर नहीं लौटी तो उसके परिवार वाले सतना पुलिस स्टेशन गए। वहां बच्ची के परिवार वालों से कहा गया कि आप यहां से जाइए और अपनी बेटी को खुद ढूंढिए। हम प्राथमिकी दर्ज नहीं करेंगे।

प्रवक्ता ने कहा कि बड़ा सवाल यह है कि यह बच्ची सतना से उज्जैन कैसे आई और उसके मामले में पुलिस ने तत्परता क्यों नहीं दिखाई। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने से क्यों इनकार किया। अखबारों में इस बारे में खबरें आती रहीं तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उज्जैन पुलिस ने क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम को क्यों नहीं खंगाला। बच्ची की बोली बघेलखंड थी, तो उज्जैन पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश का क्यों बताया। आठ किलोमीटर पैदल चलने के बाद अपना, अपने पिता, दादा और गांव का नाम सही बताने वाली बच्ची को मानसिक रुप से विक्षिप्त और भिखारी क्यों बताया गया। आखिर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री चुप क्यों हैं।

Read More इजरायल ने दक्षिणी लेबनान पर बरपाया कहर: फास्फोरस युक्त गोला-बारूद से किया हमला; एक शख्स की मौत, 11 अन्य घायल 

उन्होंने इस घटना को लेकर भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि घटना को कई दिन बीत गए हैं लेकिन  बच्ची का हाल पूछने भाजपा का एक भी नेता अब तक नहीं गया है। एक दलित बच्ची का दुष्कर्म हुआ, उसे विक्षिप्त और भिखारी बताने की कोशिश की गई। लेकिन देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के मुंह से एक शब्द नहीं निकला। इस मामले पर महिला बाल विकास मंत्री, महिला आयोग, बाल संरक्षण आयोग सब चुप हैं।

Read More रुपये में ऐतिहासिक गिरावट: 34 पैसे टूटकर 94.30 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा, लगातार बिकवाली से भारतीय मुद्रा दबाव में

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

असम विधानसभा चुनाव : प्रियंका गांधी का राज्य सरकार पर निशाना, बिस्वा सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर उठाए सवाल, संस्कृति और जनता की ताकत को बचाना कांग्रेस की लड़ाई असम विधानसभा चुनाव : प्रियंका गांधी का राज्य सरकार पर निशाना, बिस्वा सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर उठाए सवाल, संस्कृति और जनता की ताकत को बचाना कांग्रेस की लड़ाई
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने नजीरा से असम चुनाव अभियान का आगाज किया। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर...
3 अप्रैल को रामलीला मैदान से निकलेगी शोभायात्रा, आकर्षक झांकियां और भक्ति से सराबोर होगा शहर
चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में पंजाब भाजपा मुख्यालय के बाहर स्कूटी में धमाका, कोई जनहानि नहीं
अश्विनी वैष्णव का लोकसभा में जवाब: रेलवे ने 2025-26 में 167 करोड़ टन माल का किया परिवहन, वित्त वर्ष में पिछले 50 वर्षों में सबसे कम रेल दुर्घटनाएं दर्ज
आयुर्वेद संस्थान की ओर से नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन : अमरापुर दरबार में 105वां चैत्र मेला आरंभ, मुफ्त उपचार की सुविधा उपलब्ध 
राजस्व मंडल के अध्यक्ष पद पर कार्यभार संभालने के बाद पहली बार राजस्व मंडल पहुंचे, सदस्यों और अधिकारियों से की चर्चा
वॉर या नो वॉर...क्या खत्म होगी जंग? ट्रंप के संबोधन से पहले तेज हुई कूटनीतिक हलचल, 2 अप्रैल को करेंगे राष्ट्र को संबोधित