कांग्रेस का शिक्षा मंत्री पर निशाना : परीक्षा में अनियमिताएं धर्मेंद्र प्रधान की अक्षमता का प्रमाण, शिक्षा मंत्रालय से जुड़े मामलों की खुल रही परतें

तथ्यों के बावजूद सीबीएसई ने कंपनी को ऊंची दरों पर ठेका प्रदान किया

कांग्रेस का शिक्षा मंत्री पर निशाना : परीक्षा में अनियमिताएं धर्मेंद्र प्रधान की अक्षमता का प्रमाण, शिक्षा मंत्रालय से जुड़े मामलों की खुल रही परतें
कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को निशाने पर लेते हुए CBSE की परीक्षा, ऑन-स्क्रीन मार्किंग और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि साइबर सुरक्षा खामियों वाली कंपनी को ठेका दिया गया, जिससे लाखों छात्रों को परेशानी हुई। कांग्रेस ने इसे शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल बताया।

नई दिल्ली। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए कहा है कि सीबीएसई की परीक्षा, ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं से साबित हो गया है कि प्रधान सक्षम नहीं है और उनकी अक्षमता सबके सामने अब उजागर हो गयी है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि शिक्षा मंत्रालय से जुड़े मामलों की परतें लगातार खुल रही हैं। सीबीएसई के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल के लिए चयनित कंपनी सीओईएमपीटी ने साइबर सुरक्षा संबंधी जिन प्रमाणपत्रों को निविदा प्रक्रिया में प्रस्तुत किया था, उनमें गंभीर खामियां थीं। उनका कहना था कि एक प्रमाणपत्र किसी अन्य ग्राहक से संबंधित था और उसकी वैधता समाप्त हो चुकी थी, जबकि दूसरा केवल अस्थायी एप्लिकेशन के ऑडिट पर आधारित था।

कांग्रेस नेता ने कहा कि इन तथ्यों के बावजूद सीबीएसई ने कंपनी को ऊंची दरों पर ठेका प्रदान किया। पार्टी का कहना है कि फरवरी 2025 में कुछ एथिकल हैकर्स ने पोर्टल की साइबर सुरक्षा में गंभीर कमियों की ओर ध्यान दिलाया था, लेकिन सीबीएसई ने लंबे समय तक इन तथ्यों को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि बाद में सीबीएसई को पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए सीओईएमपीटी के प्लेटफॉर्म का उपयोग बंद कर अपना अलग पोर्टल विकसित करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा संचालन, ओएसएम प्रणाली और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में अधिक जवाबदेही दिखाई होती तो लाखों छात्रों और उनके परिवारों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। रमेश ने आरोप लगाया कि यह पूरा प्रकरण शिक्षा मंत्रालय के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़ा करता है और इससे प्रधान की कार्यशैली तथा क्षमता उजागर हुई है।

Tags: Congress

Post Comment

Comment List

Latest News

पीरियड लीव डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग: राजस्थान में सवैतनिक पीरियड अवकाश का समर्थन पीरियड लीव डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग: राजस्थान में सवैतनिक पीरियड अवकाश का समर्थन
जयपुर स्थित फोर्टी राजस्थान में सवैतनिक पीरियड अवकाश और महिला स्वास्थ्य जागरूकता पर केंद्रित एक प्रेरणादायक डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई।...
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर महाराष्ट्र में सियासी तूफान: फडणवीस समर्थन में उतरे, पवार का मुख्यमंत्री पर तीखा हमला
पर्यावरण सरंक्षण के लिए वृक्षारोपण अभियान का आग़ाज़, 1 हजार से ज्यादा पौधे लगाने का संकल्प 
आरएएस मुख्य परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर, 27 जुलाई तक करें आवेदन; उत्तर पुस्तिकाएं ऑनलाइन देखने का मौका
कर्नाटक कांग्रेस में मंत्री बनने की होड़: 20 सीटों पर 60 दावेदार, दिल्ली बैठक में नए मंत्रियों के नामों पर लग सकती है मुहर
यूरोप के जंगलों में भीषण आग : तेज हवाओं से बिगड़े हालात, फ्रांस-स्पेन से 3 लाख से अधिक लोग पलायन को मजबूर 
राजस्थान रोडवेज को मिली 144 नई ब्लू लाइन एक्सप्रेस बसें, मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी