यूरोप में भीषण गर्मी का कहर: AC पर छिड़ी बहस, EU ने कहा- फैसला जनता की पसंद; Heatwave से 1300 मौतें

AC को लेकर सियासी और पर्यावरणीय बहस तेज

यूरोप में भीषण गर्मी का कहर: AC पर छिड़ी बहस, EU ने कहा- फैसला जनता की पसंद; Heatwave से 1300 मौतें
यूरोप में रिकॉर्ड गर्मी और 1,300 से अधिक मौतों के बाद एयर कंडीशनर के बढ़ते उपयोग पर बहस तेज हो गई है। हालांकि यूरोपीय आयोग ने एसी के पक्ष या विपक्ष में कोई रुख अपनाने से इनकार किया। आयोग ने कहा कि उपभोक्ताओं की पसंद में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा, जबकि ऊर्जा दक्षता और जलवायु नीति पर काम जारी रहेगा।

ब्रसेल्स। यूरोप में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी में एयर कंडीशनर (एसी) के बढ़ते उपयोग पर छिड़ी बहस के बीच यूरोपीय आयोग ने इस मुद्दे पर कोई पक्ष लेने से इनकार किया है। आयोग ने कहा कि उपभोक्ताओं की पसंद तय करना यूरोपीय संघ (ईयू) की कार्यपालिका की भूमिका नहीं है। आंकड़ों के अनुसार यूरोपीय संघ में केवल लगभग 20 प्रतिशत घरों में एयर कंडीशनर लगे हैं, जबकि अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया में यह आंकड़ा 90 प्रतिशत या उससे अधिक है।

यूरोप में हाल में पड़ी भीषण गर्मी से कम से कम 1,300 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद घरों और सार्वजनिक स्थानों पर शीतलन सुविधाओं की कमी राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बन गई है। रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय आयोग की जलवायु मामलों की प्रवक्ता अन्ना-काइसा इतकोनेन ने कहा, "हम जानते हैं कि यूरोपीय संघ के अधिकांश आवासीय भवनों और अपार्टमेंटों में एयर कंडीशनर नहीं हैं। पारंपरिक रूप से इनका निर्माण इस तरह नहीं हुआ है, विशेषकर इसलिए क्योंकि हमारे अधिकांश आवास काफी पुराने हैं।"

उन्होंने कहा, "एयर कंडीशनर के पक्ष या विपक्ष में आयोग का कोई विशेष रुख नहीं है। हालांकि भवनों और आवासों के नवीनीकरण, ऊर्जा दक्षता और आवास नीति के तहत इस मुद्दे पर काम किया जा रहा है।" जब इस विषय के बढ़ते राजनीतिक महत्व को देखते हुए क्या आयोग को कोई स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए, तो प्रवक्ता ने कहा कि आयोग की प्राथमिकता जलवायु तटस्थता की दिशा में प्रभावी और दक्ष परिवर्तन सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि राजनीतिक परिस्थितियां बदलती हैं तो आयोग अपने तटस्थ रुख की समीक्षा कर सकता है।

उन्होंने कहा, "यह भी देखना होगा कि आयोग की शक्तियों की सीमा क्या है कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं।" इतकोनेन ने कहा, "पिछले सप्ताह की भीषण गर्मी संभवतः इस पूरे ग्रीष्मकाल की शुरुआत भर है। इसलिए यह संभव है कि यह विषय राजनीतिक स्तर पर चर्चा का मुद्दा बने और सदस्य देशों के संकेतों के अनुरूप आयोग भी आवश्यक कदम उठाए।" उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी घरों में एयर कंडीशनर लगाने जैसे मामलों में आयोग लोगों के व्यक्तिगत निर्णयों में हस्तक्षेप नहीं करेगा। एयर कंडीशनर के विरोधियों का कहना है कि इससे बिजली की मांग बढ़ती है, विद्युत ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, वातावरण में गर्म हवा निकलती है और जलवायु संकट के मूल कारणों का समाधान नहीं होता। वहीं समर्थकों का तर्क है कि भीषण गर्मी के दौरान रहने योग्य परिस्थितियां बनाए रखने और श्रम उत्पादकता बनाए रखने के लिए एयर कंडीशनर एक आवश्यक साधन है।

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