धार भोजशाला केस में इंदौर हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : हिंदू पक्ष की मांग मंजूर, पूजा की अनुमति
हाई कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को प्रत्यावेदन देने को कहा
इंदौर हाई कोर्ट ने धार भोजशाला को हिंदू मंदिर मानते हुए हिंदुओं को पूजा की अनुमति दे दी है। एडवोकेट विष्णु शंकर जैन के अनुसार, एएसआई सर्वे और साक्ष्यों के आधार पर यह निर्णय लिया गया। कोर्ट ने सरकार को मुस्लिम पक्ष के लिए वैकल्पिक भूमि पर विचार करने का निर्देश दिया है, जिससे वर्षों पुराना विवाद सुलझने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश। धार भोजशाल केस मेें इंदौर हाई कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए हिंदू पक्ष की मांग को मंजूर कर दिया है और हिंदुओं को पूजा की अनुमति दे दी है। इस केस के बारे में एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने कहा, कोर्ट ने भोजशाला परिसर को एक हिंदू मंदिर माना है। कोर्ट ने हिंदुओं को वहां पूजा करने का अधिकार भी दिया है... हाई कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए मुस्लिम पक्ष को कहा है कि वे अपना एक प्रत्यावेदन सरकार को दें। सरकार इस पर विचार करेगी कि उन्हें धार में एक वैकल्पिक भूमि दी जाए या नहीं।
गौरतलब है कि 'हिंदू फ्रंट फ़ॉर जस्टिस' के याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने कहा "हाई कोर्ट, इंदौर बेंच में 'हिंदू फ्रंट फ़ॉर जस्टिस' ने 2022 में हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन और अन्य लोगों के ज़रिए एक याचिका दायर की थी। यह मामला काफ़ी लंबे समय से, लगभग चार सालों से चल रहा है। इस मामले में एएसआई ने एक सर्वे किया और अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसके बाद हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इतना ही नहीं कोर्ट ने सुनवाई से पहले भोजशाला का मुआयना भी किया।

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