मन की बात : पीएम मोदी की 'ज्ञान भारतम् सर्वे' में सभी दुर्लभ पांडुलिपियों को शेयर करने की अपील, बोले-युवाओं की शक्ति से राष्ट्र को समृद्ध बनाने में मिलती है बड़ी ताकत
ज्ञान भारतम: पीएम मोदी ने किया पांडुलिपियों के संरक्षण का आह्वान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'मन की बात' में 'ज्ञान भारतम सर्वे' के जरिए प्राचीन पांडुलिपियों को साझा करने की अपील की। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण और नीति निर्धारण से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। संस्कृति मंत्रालय का यह अभियान हमारी समृद्ध विरासत को डिजिटल रूप में सुरक्षित करेगा, जिसमें अब तक हजारों लोग योगदान दे चुके हैं।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वे जनभागीदारी की भावना से अपनी प्राचीन पांडुलिपियों को 'ज्ञान भारतम सर्वे' में साझा करें, ताकि महान भारतीय संस्कृति और समृद्ध विरासत को संरक्षित किया जा सके।श्री मोदी ने आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' की 132वीं कड़ी में रविवार को देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा, "आज मैं 'मन की बात' में एक ऐसे प्रयास के बारे में बताना चाहता हूं, जो देशवासियों की जनभागीदारी की भावना को दर्शाता है। ये प्रयास है 'ज्ञान भारतम सर्वे' और इसका संबंध हमारी महान संस्कृति और समृद्ध विरासत से है। इसका उद्देश्य देशभर में मौजूद पांडुलिपियों के बारे में जानकारी जमा करना है।"
प्रधानमंत्री ने देशवासियों को इस सर्वेक्षण से जुड़ने का आग्रह करते हुए बताया कि इस सर्वे से जुड़ने का लोगों के लिए एक सरल माध्यम ज्ञान भारतम ऐप है। उन्होंने कहा, "आपके पास अगर कोई पांडुलिपि है या उसके बारे में जानकारी है, तो उसकी फोटो 'ज्ञान भारतम ऐप' पर जरूर साझा करें। हर एंट्री से जुड़ी जानकारी को दर्ज करने से पहले उसकी पुष्टि भी की जा रही है।" पीएम मोदी ने खुशी जताते हुए कहा कि अब तक इस ऐप के जरिए तथा अन्य तरीकों से हजारों पांडुलिपियां लोगों ने साझा की हैं। उनका कहना था कि लोग लगातार इस सर्वे से जुड़ रहे हैं। इसके कुछ उदाहरण देते हुए उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के नामसाई के चाओ नंतिसिन्ध लोकांग का जिक्र किया और कहा कि उन्होंने ताई लिपि में पांडुलिपियां साझा की हैं। अमृतसर के भाई अमित सिंह राणा ने गुरुमुखी लिपि में पांडुलिपि शेयर की है, जो हमारी महान सिख परंपरा और पंजाबी भाषा से जुड़ी है। कुछ संस्थाओं ने ताड़ के पत्तों पर लिखी पांडुलिपियां दी हैं। राजस्थान के अभय जैन ग्रंथालय ने तांबे की प्लेटों पर लिखी बहुत पुरानी पांडुलिपियां साझा की हैं। वहीं, लद्दाख की हमिस मठ ने तिब्बती भाषा में बहुमूल्य पांडुलिपियों की जानकारी दी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सर्वे जून के मध्य तक जारी रहेगा। उन्होंने सभी देशवासियों से आग्रह किया कि सभी लोग अपनी संस्कृति से जुड़े और देश की ज्ञान की खजाने में पांडुलिपियों के रूप में मौजूद इन पहलुओं को सामने लाएं और इसे ज्ञान भारतम ऐप पर साझा करें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 'ज्ञान भारतम नेशनल मैनुस्क्रिप्ट सर्वे' संस्कृति मंत्रालय द्वारा 16 मार्च से शुरू किया गया जो लगभग तीन महीने चलेगा। देश में अनुमानित एक करोड़ से अधिक प्राचीन पांडुलिपियां मौजूद हैं, जिन्हें मैप करने, दस्तावेजीकरण करने और अंत में डिजिटल रिपॉजिटरी में सुरक्षित रखने का यह पहला बड़ा राष्ट्रव्यापी अभियान है। पांडुलिपि मालिकों का मालिकाना हक पूरी तरह सुरक्षित रहेगा, केवल जानकारी साझा करनी है। इसमें ज्ञान भारतम ऐप के अलावा ज्ञानभारत वेबसाइट पर भी योगदान दिया जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और जब युवाओं की शक्ति राष्ट्र निर्माण से जुड़ती है तो इससे देश को बहुत बड़ी ताकत मिलती है। पीएम मोदी ने रविवार को आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' की 132वीं कड़ी में कहा कि देश के युवा राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। इसके लिए वह चाहते हैं कि देश के युवा नीति निर्माण और विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाए तथा अपने विचारों और नवाचार से भारत को आगे बढ़ाने में अपना अहम योगदान दें।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा "मेरा युवा भारत' संगठन देश के युवाओं को विभिन्न सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ रहा है और हाल ही में इसके तहत बजट परिचर्चा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को बजट प्रक्रिया और नीति निर्माण से जोड़ना था। इस प्रतियोगिता में देशभर से लगभग 12 लाख युवाओं ने भाग लिया। इसके बाद करीब एक लाख साठ हजार प्रतिभागियों को निबंध प्रतियोगिता के लिए चुना गया, जिनमें से कुछ निबंध पढ़ने का अवसर उन्हें भी मिला।"
पीएम मोदी ने कहा कि इन निबंधों से स्पष्ट होता है कि देश का युवा विकास में योगदान देने के लिए उत्साहित और प्रतिबद्ध है। उनका कहना था कि इसमें तेलंगाना के सूर्यापेट से कोटला रघुवीर रेड्डी, उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से सौरभ बैसवार और बिहार के गोपालगंज से सुमित कुमार ने किसान कल्याण विषय पर अपने विचार रखे हैं। वहीं पंजाब के मोहाली से आंचल और ओडिशा के केंद्रपाड़ा से ओम प्रकाश रथ ने महिला नेतृत्व आधारित विकास को आगे बढ़ाने के सपने अहम सुझाव दिए हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के यमुनानगर से प्रथम बरार ने हरित और स्वच्छ भारत को समृद्ध भारत का आधार बताया है जबकि दिल्ली के शंख गुप्ता ने ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए अधिक प्रयास करने का सुझाव दिया है। इसके अलावा युवाओं ने कौशल विकास और कारोबार को सुगम बनाने जैसे विषयों पर भी अपने विचार साझा किए हैं। प्रधानमंत्री ने इन सभी युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि उनके विचार देश को नई दिशा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

Comment List