मानसून ने पकड़ा जोर : केरल में भारी बारिश का अनुमान, निचले इलाकों और भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह

केरल में सात से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश होना का अनुमान

मानसून ने पकड़ा जोर : केरल में भारी बारिश का अनुमान, निचले इलाकों और भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह
दक्षिण-पश्चिम मानसून के मजबूत होने से केरल में अगले दो दिनों तक तेज बारिश की संभावना है। आईएमडी ने 6-7 जून को कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश से बाढ़, जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

तिरुवनंतपुरम। दक्षिण-पश्चिम मानसून के और जोर पकड़ने के कारण, केरल में अगले दो दिनों में मानसून की बारिश तेज होने के आसार हैं। मौसम बुलेटिन के अनुसार, अगले सात दिनों के दौरान केरल में सात से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश होना का अनुमान है। राज्य में पहले ही कुछ स्थानों पर 12 सेमी से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो मानसून की बढ़ती तीव्रता को दर्शाती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गोवा और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों सहित देश के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मानसून के जोर पकड़ने से केरल में लगातार बारिश होते रहने के आसार हैं।

संबंधित अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं और आवश्यकतानुसार वे सतर्कता और सलाह जारी कर सकते हैं है। लोगों को विशेष रूप से निचले इलाकों और भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों में रहने वालों को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गयी है। राज्य में मानसून अच्छी बारिश हुई है, लेकिन नवीनतम अनुमानों से संकेत मिलता है कि केरल में आगामी दिनों में और बारिश होगी।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने छह और सात जून को राज्य भर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के आसार जताये हैं। अत्यधिक भारी बारिश के अनुमान से स्थानीय बाढ़, शहरी क्षेत्रों में जलभराव, नदी के जल स्तर में वृद्धि और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों, विशेष रूप से मानसून से संबंधित आपदाओं से ग्रस्त जिलों में भूस्खलन की आशंकाओं को लेकर चिंताएं बढ़ गयी हैं।

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