सुगमता के लिए हजारों पुराने कायदे-कानून किए समाप्त : पहले किसी को नहीं था ध्यान, मोदी ने कहा- लोगों को उड़ने के लिए खुला आसमान देना हमारा मकसद

हमने लगभग 1,500 ऐसे कानूनों को समाप्त कर दिया

सुगमता के लिए हजारों पुराने कायदे-कानून किए समाप्त : पहले किसी को नहीं था ध्यान, मोदी ने कहा- लोगों को उड़ने के लिए खुला आसमान देना हमारा मकसद

हमारा मकसद है देश के लोगों को जीवन जीने में आसानी दो, कारोबार करने की आसानी दो, उड़ने के लिए खुला आसमान दो। 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उन्होंने भारत में जीवन और कारोबार में सुगमता के लिए हजारों की संख्या में नियम-कायदे खत्म किए हैं, जो समय के साथ पुराने पड़ गए थे, लेकिन आश्चर्य है कि उनकी सरकार से पहले किसी ने इसकी चिंता नहीं की थी। मोदी ने यहां भारत मंडपम में परिचर्चा सम्मेलन के एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा मकसद है देश के लोगों को जीवन जीने में आसानी दो, कारोबार करने की आसानी दो, उड़ने के लिए खुला आसमान दो। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक दशक के भीतर, हमने लगभग 1,500 ऐसे कानूनों को समाप्त कर दिया, जो अपनी प्रासंगिकता खो चुके थे, जिनमें से कई ब्रिटिश काल के थे। इस संबंध में उन्होंने बांस काटने से जुड़े कानून और आयकर विवरण प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को आसान बनाने का विशेष रूप से उल्लेख किया। मोदी ने कहा कि बांस पूर्वोत्तर में आदिवासी समुदायों के जीवन का एक अभिन्न अंग है। पहले, बांस काटने पर लोगों को जेल हो जाती थी, क्योंकि इसे पेड़ माना जाता था और इस पर पेड़ से संबंधित कानून लागू होते थे। हमने औपनिवेशिक काल के ऐसे कानूनों को समाप्त कर दिया। अब, आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने जैसी प्रक्रिया भी मिनटों में पूरी हो जाती है और कुछ ही दिनों में रिफंड जारी हो जाता है।

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार 'छोटे तंत्र से बड़े काम के मंत्र पर काम करती है ताकि शासन-प्रशासन में कुशलता हो। आज भारत बहुत बड़े टारगेट्स रख पा रहा है, उनको अचीव कर रहा है) तो इसके मूल में एक खास मंत्र है। यह मंत्र है-मिनिमम गवर्नमेंट , मैक्जिमम गवर्नेंस ( न्यूनतम तंत्र, अधिकतम शासन-व्यवस्था)। यह कुशल और प्रभावी शासन व्यवस्था का मंत्र है। बीते एक दशक में हमने करीब 1,500 ऐसे कानूनों को खत्म किया है, जो अपना महत्व खो चुके थे। इनमें से बहुत सारे कानून अंग्रेजी शासन के दौरान बने थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे उस समय की (पहले की) सरकार और नेताओं से कुछ कहना नहीं है, लेकिन मुझे ज्यादा तो इस लुटियन जमात पर आश्चर्य हो रहा है, ये खान मार्केट गैंग पर आश्चर्य हो रहा है। ये लोग 75 साल तक ऐसे कानून पर चुप क्यों थे। ये हमारी सरकार है, जिसने गुलामी के कालखंड के कानून को खत्म किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के भारत पर आज पूरी दुनिया की नजर है। दुनिया भर के लोग भारत आना चाहते हैं, भारत को जानना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत, दुनिया का वह देश है, जहां लगातार उत्साहजनक समाचार बन रहे हैं। ये सूचनाएं हर रोज नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, कुछ न कुछ नया हो रहा है। 

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