उत्तराखण्ड में टीएचडीसी सुरंग में मौत का मंजर : मलबा-पानी भरने से 7 की मौत, 19 का रेस्क्यू; जानें कितने और फंसे

सुरंग के अंदर गए 6 बचावकर्मी भी सुरक्षित

उत्तराखण्ड में टीएचडीसी सुरंग में मौत का मंजर : मलबा-पानी भरने से 7 की मौत, 19 का रेस्क्यू; जानें कितने और फंसे
चमोली में टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में मलबा-पानी भरने से बड़ा हादसा हुआ। सुरंग में फंसे 22 लोगों में से 19 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि सात लोगों की मौत हुई है। तीन की तलाश जारी है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और पुलिस की टीमें रेस्क्यू अभियान में जुटी हैं। घायलों का गोपेश्वर जिला अस्पताल में इलाज जारी है।

चमोली। उत्तराखण्ड में चमोली जिले के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी सुरंग में फंसने से सात लोगों की मौत हो गयी है। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि सुरंग में कुल 22  लोगों के फंसे होने की सूचना थी, जिनमें से रातभर चले राहत एवं बचाव अभियान में अब तक 19 लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। वहीं शेष तीन लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है। घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए सुरंग के अंदर गए 6 बचावकर्मी भी सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि घटना में अभी तक सात लोगों की मृत्यु की सूचना है। उन्होंने बताया कि 440 मेगावाट की निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार शाम को मलबा एवं पानी भरने की घटना के बाद जिला प्रशासन की ओर से घटना की रात भर राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी रहा।

टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी सुरंग की लंबाई लगभग तीन किलोमीटर है तथा उसके लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा एवं पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई है। इसके चलते सुरंग में कार्यरत कुछ लोग अंदर फंस गए। बचाये गए घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा घायलों के उपचार एवं स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है।

उन्होंने  बताया कि इस अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस सहित अन्य तकनीकी एवं विशेषज्ञ टीमें मौके पर मौजूद हैं। सुरंग के भीतर मलबा एवं पानी की चुनौती के बीच बचाव दल अत्यंत सावधानी एवं समन्वय के साथ अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। जिलाधिकारी ने मौके पर अधिकारियों एवं बचाव टीमों से लगातार जानकारी लेते हुए शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों एवं तकनीकी सहायता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्यों के साथ ही घायलों के उपचार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी लगातार जुटाई जा रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा पूरे घटनाक्रम पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा रेस्क्यू अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है।

Tags: tunnel

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