वंदे मातरम् के गायन को लेकर विवाद फिर गरमाया! भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, मशाल रैली के बाद राजनीतिक प्रचार करने का आरोप
वंदे मातरम् भारतीयों की भावनाओं और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा राष्ट्रगीत
रायपुर। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने कांग्रेस नेतृत्व पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाते हुए राजधानी रायपुर में बीती रात मशाल रैली निकाली, वहीं कांग्रेस ने पलटवार करते हुए भाजपा पर वंदे मातरम् के नाम पर राजनीतिक प्रचार करने का आरोप लगाया है। भाजयुमो रायपुर शहर जिला की ओर से रविवार रात भारत माता चौक, शंकर नगर से कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन तक मशाल रैली निकाली गई। रैली के बाद राजीव भवन के समीप कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। इस दौरान भाजपा रायपुर शहर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा और रायपुर शहर जिला अध्यक्ष अर्पित सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में भाजपा और भाजयुमो के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाजपा जिला अध्यक्ष ठाकुर ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रगीत का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा गीत है और इसका सम्मान प्रत्येक देशवासी के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष टिकरिहा ने कहा कि राष्ट्रगीत या देश के सम्मान से जुड़े किसी भी विषय पर भाजपा आवाज उठाती रहेगी। भाजयुमो जिला अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से माफी की मांग करते हुए कहा कि माफी नहीं मांगे जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
मशाल रैली में रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, भाजयुमो प्रदेश मंत्री विशाल पांडेय, कार्यालय प्रभारी अंकित द्विवेदी सहित भाजपा और भाजयुमो के विभिन्न पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। इधर, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को वंदे मातरम् के सम्मान की सीख भाजपा से लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कांग्रेस ने वंदे मातरम् को जनजागरण के माध्यम के रूप में अपनाया और कांग्रेस की बैठकों की शुरुआत में इसके गायन की परंपरा रही है।
शुक्ला ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर सवाल उठाते हुए चुनौती दी कि आरएसएस की किसी बैठक में वंदे मातरम् के गायन का वीडियो सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा आज इस विषय को राजनीतिक मुद्दा बना रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि वर्ष 1896 में कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन हुआ था और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह प्रमुख नारों और गीतों में शामिल रहा। उन्होंने भाजपा के वैचारिक पूर्ववर्ती संगठनों की स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका पर भी सवाल उठाए।
शुक्ला ने कहा कि वंदे मातरम् भारतीयों की भावनाओं और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा राष्ट्रगीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने राजनीतिक हितों के लिए इस विषय को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रही है। इस तरह राष्ट्रगीत को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा जहां कांग्रेस नेतृत्व से माफी की मांग कर रही है, वहीं कांग्रेस भाजपा के आरोपों को राजनीतिक प्रचार करार देते हुए उसके वैचारिक इतिहास पर सवाल उठा रही है।

Comment List