महाराष्ट्र चुनाव में हार के बाद एमवीए में भगदड़ : दूसरे नंबर के 43 उम्मीदवार महायुति में शामिल, बीजेपी सबसे ज्यादा फायदे में

कोंकण में 10 ने बदला पाला 

महाराष्ट्र चुनाव में हार के बाद एमवीए में भगदड़ : दूसरे नंबर के 43 उम्मीदवार महायुति में शामिल, बीजेपी सबसे ज्यादा फायदे में

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हार के बाद एमवीए अपने नेताओं को एकजुट रखने में संघर्ष कर रहा है। चुनाव के बाद उसके 46 में से 43 रनर-अप नेता महायुति में शामिल हो गए, जिनमें 26 बीजेपी, 13 अजित पवार एनसीपी और 7 शिंदे सेना में गए। सबसे बड़ा नुकसान उद्धव ठाकरे की शिवसेना को हुआ है। कोंकण और उत्तर महाराष्ट्र में अधिक दल-बदल देखा गया।

मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हार के एक साल बाद विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) अपने लोगों को एक साथ रखने के लिए संघर्ष कर रही है। चुनाव में मिली हर के बाद एमवीए के 43 दूसरे नंबर के उम्मीदवार सत्ताधारी महायुति में शामिल हो गए हैं। इनमें से ज्यादातर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। हालांकि तीन निर्दलीय उम्मीदवार भी तब से महायुति में शामिल हो गए हैं। एक एनालिसिस से पता चलता है कि कुल 46 में से 26 बीजेपी में, 13 अजित पवार की एनसीपी और सात एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए हैं। इसके अलावा सत्ताधारी एनसीपी का एक पुराना उम्मीदवार भी बीजेपी में शामिल हो गया है।

क्यों हो रहा दल-बदल ?

रिपोर्ट के मुताबिक, ये दल-बदल ज्यादातर उन इलाकों में हुए हैं जिन्हें पारंपरिक रूप से उद्धव ठाकरे की शिसेना का गढ़ माना जाता है। इससे साफ है कि अपनी जबरदस्त जीत के बाद महायुति की पार्टियों ने अपना बेस मजबूत करने की कोशिशें आगे बढ़ा दी हैं। एनसीपी के एक सीनियर नेता ने कहा कि इससे (विपक्षी नेताओं को शामिल करने से) कई मकसद पूरे होते हैं। दूसरे नंबर पर आए नेताओं को लाने से विपक्ष के वापस लड़ने की गुंजाइश खत्म हो जाती है। क्योंकि वह और कमजोर हो जाता है।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना को सबसे ज्यादा झटका :

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कुछ सीटें ऐसी भी हैं जहां रूलिंग पार्टियों ने उन इलाकों से नेताओं को अपनी तरफ खींच लिया है जहां उनके सहयोगी जीते हैं। यह अंदरूनी पॉलिटिक्स का हिस्सा है जो 2029 के असेंबली चुनावों की प्लानिंग करते समय कंट्रोल रखने में भी मदद करता है। एमवीए के हिस्सेदारों में शिवसेना को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इसके 19 पुराने उम्मीदवार महायुति कैंप में चले गए हैं। एनसीपी को 13 और कांग्रेस को 10 सीटें गंवानी पड़ी हैं। तीन इंडिपेंडेंट और पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी के एक रनर-अप भी महायुति में शामिल हो गए हैं।

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कोंकण में 10 ने बदला पाला :

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नॉर्थ महाराष्ट्र में महायुति में शामिल हुए 11 एमवीए कैंडिडेट में से 10 बीजेपी में और एक एनसीपी में चले गए हैं। उद्धव सेना का पारंपरिक गढ़ माने जाने वाले कोंकण में पांच बीजेपी में, तीन शिंदे सेना में और दो एनसीपी में चले गए हैं। शिवसेना के प्रवक्ता हर्षल प्रधान ने कहा कि बीजेपी का मतलब अब बोगस जनता पार्टी है। बीजेपी में कोई टैलेंट नहीं है और उसके पास मास सपोर्ट वाले लीडर्स की कमी है। उन्हें चुनाव लड़ने के लिए बाहर से आए लीडर्स की जरूरत है।

 

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