जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा: केबिन में फंसा ड्राइवर जिंदा जला, पुलिस जांच शुरू
भरतपुर हाईवे पर भीषण हादसा: ट्रेलर पलटने से जिंदा जला चालक
जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार के कारण कोयले से लदा ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गया। घर्षण से निकली चिंगारी ने पलक झपकते ही केबिन को आग का गोला बना दिया। मलबे में पैर फंसने के कारण अजमेर निवासी चालक विरदी चंद बाहर नहीं निकल सका और जिंदा जलकर उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
भरतपुर। जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार आधी रात को एक हृदयविदारक दुर्घटना घटी, जिसने सुरक्षा मानकों और तेज रफ्तार के खतरों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। मथुरा गेट थाना क्षेत्र के सारस चौराहे के पास कोयले से लदा एक अनियंत्रित ट्रेलर पलट गया, जिससे चालक की मौके पर ही मौत हो गई।
घर्षण से भड़की आग, केबिन बना मौत का जाल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेलर की रफ्तार इतनी तेज थी कि मोड़ पर संतुलन बिगड़ते ही वह डिवाइडर से टकराकर पलट गया। पलटने के बाद वाहन करीब 100 मीटर तक सड़क पर घिसटता चला गया। इस रगड़ से पैदा हुई चिंगारी और फटे हुए टैंक से रिसते डीजल ने चंद सेकंड में ही पूरे केबिन को आग के गोले में तब्दील कर दिया।
बेबस रहे मददगार, तड़पता रहा चालक
हादसे का सबसे वीभत्स पहलू यह रहा कि चालक विरदी चंद गुर्जर (30) का पैर केबिन के मलबे में फंस गया था। स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी विकराल थीं कि कोई पास नहीं जा सका। दमकल के पहुंचने से पहले ही अजमेर निवासी विरदी चंद ने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकालकर आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। इसके बाद क्रेन की मदद से मलबा हटाकर हाईवे को सुचारू किया गया। हादसे के बारे में जानकारी देते हुए सीओ पंकज यादव ने बताया कि परिजनों को सूचित कर दिया गया है और दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।

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