सुप्रीम कोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड मामले में गौतम खेतान की याचिका खारिज की, जानें पूरा मामला
न्यायालय ने कहा
उच्चतम न्यायालय ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा संपत्ति कुर्क किए जाने को चुनौती देने वाली अधिवक्ता गौतम खेतान की याचिका को खारिज कर दिया।
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा संपत्ति कुर्क किए जाने को चुनौती देने वाली अधिवक्ता गौतम खेतान की याचिका को खारिज कर दिया।
न्यायालय ने कहा कि खेतान की ओर से उाये गये कानूनी मुद्दे पहले से ही विजय मदनलाल चौधरी फैसले से जुड़ी लंबित समीक्षा याचिकाओं के विचाराधीन हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची की पीठ ने धन शोधन निवारण अधिनियम(पीएमएलए) के तहत कुर्की की कार्यवाही की वैधता की जांच करने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि इस कानून की धारा 44(1)(सी) की संवैधानिकता का मुद्दा पहले से ही न्यायालय के समक्ष समीक्षा का विषय है। मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की, चूंकि विजय मदनलाल मामले में पीएमएलए के प्रावधानों को लागू करने का मुद्दा समीक्षा याचिकाओं में विचाराधीन है, इसलिए हमें लगता है कि धारा 44(1)(सी) की वैधता की जांच भी उन्हीं कार्यवाहियों के दौरान की जाएगी। पीठ ने कहा कि उसी मुद्दे पर एक अलग रिट याचिका पर विचार करने का कोई औचित्य नहीं है। श्री खेतान ने दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा उनकी चुनौती खारिज किए जाने के बाद उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। यह मामला अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीद में कथित रिश्वत से संबंधित है। सुनवाई के दौरान खेतान की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने अदालत से लंबित समीक्षा याचिकाओं में हस्तक्षेप करने की अनुमति मांगी। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि मुकदमे से बचने के लिए बार-बार संवैधानिक उपायों का सहारा लेने की ऐसी प्रथाएं बंद होनी चाहिए।

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