महाराष्ट्र सियासत में उथल-पुथल: शिवसेना (यूबीटी) में नेताओं के पार्टी छोड़ने से गहराया संकट, उद्धव ने ‘मातोश्री’ पर बुलाई आपात बैठक
20 करोड़ ऑफर के आरोप से महाराष्ट्र में सियासी तूफान
मुंबई। महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) खेमे के कई बड़े नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद गंभीर राजनीतिक संकट पैदा हो गया है। इसी वजह से पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार शाम को अपने आवास 'मातोश्री' पर पार्टी के सभी विधायकों की एक आपात बैठक बुलाई है। प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी तब और बढ़ गई जब कई अहम नेताओं ने पार्टी छोड़ दी। इनमें सबसे प्रमुख नाम विधान परिषद के उप-सभापति सचिन अहीर का है, जो हाल ही में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शाम 7 बजे होने वाली इस बैठक का मकसद नेताओं के पार्टी छोड़ने से हुए नुकसान की भरपाई करना और पार्टी में और नेताओं को जाने से रोकना है।
बताया जा रहा है कि इस बैठक में राज्य विधानसभा के चल रहे मॉनसून सत्र के आखिरी हफ़्ते के लिए पार्टी की रणनीति को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। उम्मीद है कि श्री ठाकरे विधायकों से सीधे बातचीत करेंगे ताकि उनकी चिंताओं को दूर किया जा सके, किसी भी तरह की उलझन को मिटाया जा सके और आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी का रुख मज़बूत किया जा सके। यह जल्दबाज़ी इसलिए दिखाई जा रही है क्योंकि हाल के हफ़्तों में पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सत्ताधारी शिंदे गुट अब ठाकरे गुट के बचे हुए विधायकों और स्थानीय नगर पार्षदों को तेज़ी से अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहा है।
राजनीतिक टकराव को और बढ़ाते हुए, शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सत्ताधारी गठबंधन पर महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के विधायकों को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया। राउत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य धीरज लिंगाडे को पाला बदलने के लिए 20 करोड़ रुपये और आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पक्का टिकट देने का प्रस्ताव दिया गया था। इस आरोप ने सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।

Comment List