59 वर्ष की हुई माधुरी दीक्षित : दशकों तक दर्शकों के दिलों पर किया राज, जानें धक-धक गर्ल के यादगार फिल्मी सफर के बारे में
अभिनेत्री ने लगभग 8 वर्ष तक कथक नृत्य की शिक्षा हासिल की
माधुरी दीक्षित ने 59वां जन्मदिन मनाया। 1984 में फिल्म ‘अबोध’ से करियर शुरू करने वाली माधुरी ने ‘तेजाब’, ‘दिल’ और ‘हम आपके हैं कौन’ जैसी सुपरहिट फिल्मों से बॉलीवुड में खास पहचान बनाई। पद्मश्री सम्मानित माधुरी ने अभिनय और कथक नृत्य से दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज।
मुंबई। बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री माधुरी दीक्षित 59 वर्ष की हो गई। माधुरी दीक्षित का जन्म 15 मई 1967 को मुंबई में एक मध्यमवर्गीय मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई से हासिल की। इसके बाद उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी में माइक्राबॉयलोजिस्ट बनने के लिए दाखिला ले लिया। इस बीच उन्होंने लगभग 8 वर्ष तक कथक नृत्य की शिक्षा भी हासिल की। उन्होंने अपने सिने करियर की शुरूआत वर्ष 1984 में राजश्री प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म ‘अबोध’ से की थी, लेकिन वह उस समय तक अभिनेत्री बनने में कोई खास दिलचस्पी नहीं रखती थीं। गर्मी की छुट्टियों में फिल्म ‘अबोध’ की शूटिंग खत्म कर माधुरी ने कॉलेज में दाखिला ले लिया। फिल्म ‘अबोध’ बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई, लेकिन माधुरी ने कई फिल्ममेकर्स का ध्यान खींच लिया। उन्हें लगातार फिल्मों के ऑफर मिलने लगे। यह देख माधुरी ने भी कॉलेज की पढ़ाई अधूरी छोड़ दी और फिल्मी करियर को चुन लिया।
माधुरी दीक्षित की किस्मत का सितारा वर्ष 1988 में प्रदर्शित फिल्म ‘तेजाब’ से चमका। फिल्म में माधुरी दीक्षित ने अनिल कपूर की प्रेयसी की भूमिका निभाई थी। फिल्म में उन पर फिल्माया गीत ‘एक दो तीन’ उन दिनो श्रोताओं के बीच छा गया था। फिल्म की सफलता के बाद माधुरी दीक्षित फिल्म इंडस्ट्री में अपनी सही पहचान पाने में कुछ हद तक कामयाब हो गई।
वर्ष 1990 में माधुरी दीक्षित के सिने करियर की एक और महत्वपूर्ण फिल्म ‘दिल’ प्रदर्शित हुई। फिल्म में माधुरी दीक्षित और आमिर खान की जोड़ी को सिने दर्शको ने काफी पसंद किया। फिल्म टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई, साथ ही फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए माधुरी दीक्षित को अपने सिने करियर का पहला फिल्म फेयर पुरस्कार प्राप्त हुआ। वर्ष 1991 माधुरी दीक्षित के सिने करियर का अहम वर्ष साबित हुआ। इस वर्ष उनके अभिनय के नए रंग दर्शकों को देखने को मिले। इस वर्ष उनकी ‘100 डेज’, ‘साजन’, ‘प्रहार’ जैसी फिल्में प्रदर्शित हुई। इन फिल्मों की सफलता के बाद माधुरी दीक्षित शोहरत की बुंलदियों पर जा पहुंची । वर्ष 1992 में माधुरी दीक्षित की एक और अहम फिल्म ‘बेटा’ प्रदर्शित हुई।
वर्ष 1994 में राजश्री प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म ‘हम आपके है कौन’ माधुरी दीक्षित की सर्वाधिक सुपरहिट फिल्मों में शुमार की जाती है। पारिवारिक पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म में उनकी जोड़ी सलमान खान के साथ काफी पसंद की गई। फिल्म में उन पर फिल्माया गीत ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’ उन दिनों श्रोताओं के बीच क्रेज बन गया था। फिल्म ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए और ऑल टाइम ग्रेटेस्ट हिट्स में शुमार हो गई। नब्बेह के दशक में माधुरी हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस थीं, जिसके चलते उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज है।
वर्ष 2002 में माधुरी दीक्षित को शरत चंद्र के मशहूर उपन्यास ‘देवदास’ पर बनी फिल्म में काम करने का अवसर मिला। संजय लीला भंसाली की बनी फिल्म में चन्द्रमुखी के किरदार से माधुरी ने दर्शकों का दिल जीत लिया और अपने दमदार अभिनय के लिए वह सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित की गई। माधुरी दीक्षित के सिने करियर में उनकी जोड़ी अभिनेता अनिल कपूर के साथ काफी पसंद की गई। भारतीय सिनेमा में माधुरी के योगदान को देखते हुए वर्ष 2008 में उन्हें पद्मश्री से अलंकृत किया गया।
वर्ष 2002 में प्रदर्शित फिल्म ‘हम तुम्हारे है सनम’ के बाद माधुरी दीक्षित ने फिल्म इंडस्ट्री से किनारा कर लिया और वैवाहिक जीवन बिताने लगी। वर्ष 2007 में फिल्म ‘आजा नच ले’ के जरिए उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपने सिने करियर की दूसरी पारी शुरू की, लेकिन इस फिल्म की असफलता के बाद उन्होंने एक बार फिर से फिल्म इंडस्ट्री से किनारा कर लिया। माधुरी दीक्षित ने वर्ष 2013 में प्रदर्शित फिल्म ‘ये जवानी है दीवानी’ से इंडस्ट्री में कमबैक किया। इसके बाद माधुरी ने ‘डेढ़ इश्किया’, ‘गुलाब गैंग’, मराठी फिल्म ‘बकेट लिस्ट’, ‘कलंक’ ,‘टोटल धमाल’ और ‘भूल भुलैया 3’ में काम किया है।

Comment List