वंदे भारत के नए वर्जन में अपडेट होंगे रैक, प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा
अजमेर कारखानों के 150 साल पूरे होने पर कॉफी टेबल बुक रिलीज
अजमेर। उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ ने कहा है कि अजमेर कारखानों में वंदे भारत ट्रेन के रैक को नए वर्जन में अपग्रेड और अपडेट करने के लिए 175 करोड़ रुपए की लागत से नया मेंटेनेंस एरिया तैयार किया जाएगा। इस संबंध में एक विस्तृत प्रस्ताव मंजूरी के लिए रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। अजमेर कारखानों के लिए यह एक बेहद महत्वपूर्ण और प्राइम प्रोजेक्ट है। मंगलवार को अजमेर कारखानों का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में महाप्रबंधक ने बताया कि वर्तमान में कैरिज कारखाने में वंदे भारत ट्रेन के पहले रैक की आवधिक मरम्मत (मेजर ओवरहॉलिंग) का काम चल रहा है। इस रैक में कई तरह के तकनीकी बदलाव और मॉडिफिकेशन किए जा रहे हैं, क्योंकि वंदे भारत के नए वर्जन के मानकों के अनुरूप ही पुराने वर्जन के कोचेज को भी अपडेट किया जाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अजमेर में मरम्मत के लिए ऐसे कई रैक आएंगे, जिन्हें बेहतर और आधुनिक सुविधाओं के साथ मेंटेन करने के लिए ही 175 करोड़ रुपए के नए मेंटेनेंस एरिया की योजना बनाई गई है।
150 साल पूरे होने पर होंगे बड़े आयोजन
महाप्रबंधक ने बताया कि अजमेर कारखानों के गौरवशाली इतिहास के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया है। इस ऐतिहासिक वर्ष को यादगार बनाने के लिए इस साल कुछ बड़े और विशेष आयोजनों की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिनकी प्लानिंग अंतिम चरण में है।
लगेगी बायोमैट्रिक हाजिरी, गूंजेगा लोको का हूटर
कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर पूछे गए सवालों का जवाब देते जीएम ने स्पष्ट किया कि कारखानों में बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली को कर्मचारियों को पूरी तरह विश्वास में लेकर ही शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, लोको कारखाने के लंबे समय से बंद पड़े ऐतिहासिक हूटर के मामले पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में पूरी रिपोर्ट तलब की गई है और जल्द ही हूटर को फिर से शुरू कराया जाएगा।

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