विद्यार्थी श्रेणी परिवर्तन के लिए कर सकेंगे आवेदन : परीक्षा सलाहकार समिति की अनुशंसा पर यह स्वीकृति जारी, एमडीएस विश्वविद्यालय ने दिए विकल्प
सेमेस्टर 4 का परिणाम पास हो
सेमेस्टर 3 में विद्यार्थी अपनी कैटेगरी स्वयंपाठी से नियमित कर सकेंगे, लेकिन विद्यार्थियों का सेमेस्टर 2 का परिणाम पास होना चाहिए।
अजमेर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के लिए नियमित से स्वयंपाठी तथा स्वयंपाठी से नियमित श्रेणी परिवर्तन करने के लिए विकल्प उपलब्ध कराए हैं। हालांकि ऑनर्स परीक्षा नियमित होने के कारण कैटेगरी परिवर्तन का विकल्प नहीं रहेगा। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुनील कुमार टेलर ने परीक्षा सलाहकार समिति की अनुशंसा पर यह स्वीकृति जारी की है। सेमेस्टर 3 में विद्यार्थी अपनी कैटेगरी नियमित से स्वयंपाठी कर सकेंगे, लेकिन यह आवश्यक होगा कि विद्यार्थी का सेमेस्टर 2 का परिणाम पास हो। अर्थात उसके सेमेस्टर 1, सेमेस्टर 2 के बकाया पेपर्स होने की स्थिति में कैटेगरी परिवर्तन नहीं की जा सकेगी। सेमेस्टर 5 में विद्यार्थी अपनी कैटेगरी नियमित से स्वयंपाठी कर सकेंगे, लेकिन उनका सेमेस्टर 4 का परिणाम पास हो। सेमेस्टर 1 से सेमेस्टर 4 तक का काई भी बकाया पेपर्स होने की स्थिति में कैटेगरी परिवर्तन नहीं की जा सकेगी। सेमेस्टर 3 में विद्यार्थी अपनी कैटेगरी स्वयंपाठी से नियमित कर सकेंगे, लेकिन विद्यार्थियों का सेमेस्टर 2 का परिणाम पास होना चाहिए।
उनके सेमेस्टर 1, सेमेस्टर 2 के बकाया पेपर्स होने की स्थिति में कैटेगरी परिवर्तन नहीं की जा सकेगी। उसे इस विकल्प के लिए विश्वविद्यालय कार्यालय में ऑफलाइन प्रार्थना-पत्र महाविद्यालय की अण्डरटेकिंग के साथ प्रस्तुत करना होगा। इसी तरह जिन विद्यार्थियों के बकाया पेपर्स हैं और वह अपनी कैटगरी बदलना चाहते हैं तो उन्हें पुन सेमेस्टर 1 से परीक्षा में बैठना होगा। ऐसी स्थिति में विद्यार्थी के पूर्व विद्यार्थी के पूर्व के परिणाम को निरस्त किया जाएगा।

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