अंधेरी नदी की पुलिया बनी खतरे की डगर, नीचे 40 फीट गहरी नदी

बढ़ रहा हादसे का खतरा, डिवाइडर और रेलिंग टूटी

अंधेरी नदी की पुलिया बनी खतरे की डगर, नीचे 40 फीट गहरी नदी
सड़क किनारे खुले गड्ढों से नीचे सीधे नदी में गिरने का खतरा बना हुआ है।

कवाई। कवाई कस्बे से होकर गुजरने वाले स्टेट हाईवे पर स्थित अंधेरी नदी की पुलिया इन दिनों लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। लगभग 200 फीट लंबी यह सीसी पुलिया अब पूरी तरह जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी है। पुलिया की ऊपरी परत उखड़ चुकी है, जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और लोहे की सरिए भी बाहर निकल आए है।  जानकारी अनुसार पुलिया का निर्माण कई वर्ष पहले सीसी स्ट्रक्चर के रूप में किया गया था, लेकिन उस पर बार-बार डामर से पैचवर्क किया जाता रहा। इन अस्थायी मरम्मतों से कुछ समय के लिए राहत तो मिली, लेकिन हर बार कुछ महीनों में सतह फिर से खराब हो गई। अब पुलिया की सड़क पूरी तरह टूटी-फूटी और असमान हो चुकी है।

डिवाइडर और रेलिंग कई जगह गायब : पुलिया के दोनों ओर लगी पाइपनुमा लोहे की रेलिंग और सीमेंटेड डिवाइडर अब खतरे का कारण बन गए हैं। कई हिस्सों में रेलिंग टूटकर नदी में गिर चुकी है, जबकि कुछ पाइप गिरने की कगार पर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया पर अब सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं बची है। सड़क किनारे खुले गड्ढे हैं, जिनसे नीचे सीधे नदी में गिरने का खतरा बना हुआ है।

बरसात में बढ़ जाता है खतरा 
नीचे बहने वाली अंधेरी नदी लगभग 30 से 40 फीट गहरी है। बरसात में जलस्तर बढ़ जाने से यह खतरा और बढ़ जाता है। पुलिया के किनारों पर रेलिंग नहीं होना किसी भी समय बड़ा हादसा करा सकता है।

 जनता की मांग : स्थायी मरम्मत और सुरक्षा रेलिंग जरूरी 
ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल डामर पैचवर्क से काम नहीं चलेगा। पुलिया की सतह को दोबारा मजबूत करना और दोनों ओर नई पाइप रेलिंग व डिवाइडर लगाना आवश्यक है। साथ ही पुलिया पर सड़क लाइट और चेतावनी संकेत भी लगाए जाएं ताकि रात के समय दुर्घटनाओं से बचाव हो सके।

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बाल-बाल बची बाइक सवार की जान 
कुछ दिन पहले तेज बारिश में कस्बे का एक युवक बाइक सहित पुलिया से फिसलकर नदी में गिर गया था। सौभाग्य से वह तैरना जानता था, जिसने किसी तरह किनारे लगकर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों ने समय रहते उसे बाहर निकाल लिया। यदि वह तैरना नहीं जानता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।

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लोगों में रोष, रोजमर्रा की परेशानी 
रोजाना इस पुलिया से स्कूली बसें, ट्रक, ट्रैक्टर, कार, आॅटो और सैकड़ों ग्रामीण वाहन गुजरते हैं। गहरे गड्ढों और टूटी सतह के कारण वाहन चालकों को जोखिम उठाना पड़ता है। रात में पर्याप्त रोशनी नहीं होने से यह खतरा और बढ़ जाता है। कवाई निवासी मुरारी सुमन, सत्यनारायण सेन, महेंद्र सुमन और उमर थाना क्षेत्र के भूरालाल मेघवाल ने बताया कि इस पुलिया से प्रतिदिन भारी वाहन, बसें और बच्चों की बाल वाहिनियां गुजरती हैं। नीचे गहरी नदी और ऊपर टूटी हुई सतह से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार डामर से मरम्मत हुई, लेकिन हर बार कुछ दिन में फिर उखड़ गई। यदि शीघ्र स्थायी मरम्मत नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

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इनका कहना है
पुलिया की हालत इतनी खराब हो गई है कि रोजाना सफर करने में डर लगता है। ट्रक या बस लेकर निकलते वक्त लगता है। कहीं पहिया किनारे से फिसल न जाए। नीचे गहरी नदी है और रेलिंग भी टूटी पड़ी है। सरकार को जल्द स्थायी मरम्मत करवानी चाहिए।
- सत्यनारायण सेन, कवाई निवासी। 

बरसात के दौरान पुलिया पर पानी भर जाता है और फिसलन बढ़ जाती है। कुछ समय पहले एक युवक बाइक सहित गिर गया था, उसकी जान बाल-बाल बची। अगर जल्दी कार्य नहीं हुआ तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
- महेंद्र सुमन, कवाई निवासी।

हम लोग रोज इसी पुलिया से गुजरते हैं। छोटे बच्चे और स्कूली बसें भी यहीं से निकलती हैं। पुलिया पर सुरक्षा रेलिंग नहीं है और रात में रोशनी की व्यवस्था भी नहीं। प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। 
- भूरालाल मेघवाल, उमर थाना निवासी।

अंधेरी नदी की पुलिया अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। ऊपर की परत उखड़ी है, डिवाइडर टूटे हैं और रेलिंग गायब है। नीचे गहरी नदी है, जिससे हर वक्त हादसे का डर बना रहता है। कई बार मरम्मत हुई, लेकिन कुछ दिन बाद फिर खराब हो गई। रात में रोशनी नहीं रहती, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। प्रशासन को स्थायी मरम्मत और नई रेलिंग लगवाने की तुरंत जरूरत है। 
-  मुरारी सुमन, कवाई निवासी। 

अंधेरी नदी पुलिया का बजट स्वीकृत हो चुका है। फिलहाल आचार संहिता लागू होने के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। जैसे ही आचार संहिता समाप्त होगी, कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
- नरेंद्र चौधरी, अधिशासी अभियंता, स्टेट हाईवे छबड़ा। 

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