रायसर में रंगारंग कार्यक्रमों के साथ ऊंट उत्सव का समापन : भारतीय परंपरा से विदेशी जोड़े की शादी, कैमल सफारी और घुड़दौड़ आकर्षण का केंद्र बने
जोड़बीड़ में बर्ड फेस्टिवल बना सैलानियों का आकर्षण
शहर में चल रहे तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव का रायसर में रंगारंग कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया। सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक दमखम ग्रामीण खेल कार्यक्रम के तहत रस्साकशी, कुश्ती, कबड्डी, पगड़ी बांधना, महिला मटका दौड़ तथा देशी-विदेशी पर्यटकों के बीच धोरों पर दौड़ जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ।
बीकानेर। शहर में चल रहे तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव का रायसर में रंगारंग कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया। रविवार सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक दमखम ग्रामीण खेल कार्यक्रम के तहत रस्साकशी, कुश्ती, कबड्डी, पगड़ी बांधना, महिला मटका दौड़ तथा देशी-विदेशी पर्यटकों के बीच धोरों पर दौड़ जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। दोपहर डेढ़ बजे से शाम 6.30 बजे तक श्वेत का समंदर कार्यक्रम में विभिन्न एडवेंचर एक्टिविटी व डेजर्ट एक्सपीरियंस कराए गए। इस दौरान
पुष्कर के सैंड आर्टिस्ट अजय रावत की ओर से सैंड आर्ट प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही हैंडीक्राफ्ट व फूड बाजार, भारतीय परंपरा अनुसार विदेशी जोड़े की शादी, कैमल सफारी, ऊंट गाड़ी सफारी और घुड़दौड़ आकर्षण का केंद्र रहे। शाम छह बजे से रंगीलो राजस्थान कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के लोक कलाकारों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। जसनाथी संप्रदाय के अग्नि नृत्य के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर कर्नल वी.एस. राठौड़ की विंग मास्टर्स कंपनी के सहयोग से पैरामोटरिंग कराई गई।
जोड़बीड़ में बर्ड फेस्टिवल बना सैलानियों का आकर्षण
अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव के अंतर्गत पर्यटन गतिविधियों को और अधिक समृद्ध एवं विविधतापूर्ण बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जोड़बीड़ क्षेत्र में बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया गया। लव कुश वाटिका और जोड़बीड़ में नेचर वॉक व बर्ड वॉचिंग कार्यक्रम हुए। बर्ड फेस्टिवल के दौरान सैलानियों को गिद्ध संरक्षण क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के गिद्धों के साथ-साथ कई प्रवासी एवं स्थानीय पक्षियों को देखने का अवसर मिला, जो पक्षी प्रेमियों और वन्यजीव फोटोग्राफरों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

Comment List