राष्ट्रीय युवा दिवस : रोजगार से खेल, कौशल से स्टार्टअप तक युवा ऊर्जा को मिली ताकत
एक लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां और 1.53 लाख जल्द होंगी
प्रदेश में अब युवा सिर्फ नौकरी के इंतजार में नहीं हैं बल्कि अब नए अवसरों के निर्माता खुद बन रहे। सरकार ने जहां 90 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी, वहीं 1.53 लाख भर्ती प्रक्रियाधीन है जो इस साल मिलेगी। युवा नौकरी देने वाला भी बन रहा हैं।
जयपुर। प्रदेश में अब युवा सिर्फ नौकरी के इंतजार में नहीं हैं बल्कि अब नए अवसरों के निर्माता खुद बन रहे हैं। सरकार ने जहां 90 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी, वहीं 1.53 लाख भर्ती प्रक्रियाधीन है जो इस साल मिलेगी। युवा नौकरी देने वाला भी बन रहा हैं। बीते दो साल में प्रदेश में 3074 ऐसे युवा हैं, जिन्होंने अपना खुद का स्टॉर्टअप शुरू किया है। इनमें 650 चयनितों को सरकार ने इसके लिए आर्थिक संबल दिया, 22.50 करोड़ रूपए स्टॉर्टअप को आगे बढ़ाने को मंजूर किए।
स्टार्टअप, एवीजीसी और टेकबी: टेक्नोलॉजी से युवा उड़ान ले रहे हैं। एवीजीसी-एक्सआर नीति से एनिमिेशन, गेमिंग, एक्सआर सेक्टर में युवाओं को नए अवसर मिले हैं।
टेकबी प्रोग्राम से 12वीं के बाद ही स्किल और जॉब का रास्ता खुला है। आर-सीएटी ने 1799 छात्रों को 10 करोड़ से अधिक की स्कॉलरशिप दी।
410 रोजगार सहायता शिविरों में 1.11 लाख बेरोजगार युवाओं का प्राथमिक चयन हुआ।
सिस्टम पर युवाओं का भरोसा कायम करने को पेपर लीक पर लगाम, एसआईटी का गठन, अनुकम्पा नियुक्ति के 325 प्रकरणों में शिथिलन और 55 हजार पदों पर चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा।
उच्च शिक्षा को 71 नए राजकीय महाविद्यालय खोले, जिनमें सहशिक्षा, कन्या, कृषि और विधि महाविद्यालय शामिल हैं।
49 पीजी और 58 यूजी कॉलेजों में नए विषय, 12 कॉलेजों में विज्ञान और 5 में वाणिज्य संकाय की शुरुआत हुई।
कौशल नीति 2025 से हुनर से रोजगार की सीधी राह बनने की आस, अब तक 3.32 लाख युवाओं को 963 कौशल विकास केंद्रों में ट्रेनिंग।
युवाओं को डिग्री के साथ स्किल भी, 144 आईटीआई में स्मार्ट क्लास रूम,उन्नत कौशल केंद्र, मॉडल करियर सेंटर और विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय का विस्तार।
विश्वकर्मा युवा उद्यमी योजना में उन्हें नौकरी नहीं, उद्योग लगाने को प्रेरित किया जा रहा, 2 करोड़ लोन पर 7 से 8 प्रतिशत ब्याज अनुदान, मार्जिन मनी सहायता दी जा रही।
युवा नीति में 28 फीसदी आबादी को भविष्य की दिशा दे रहे, इन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का काम हो रहा।
खेलों में हमारे युवाओं की छलांग को पहली बार खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स हुए, 200 विश्वविद्यालयों के 7 हजार खिलाड़ी, 17 नए खेलो इंडिया केंद्र, 41 जिलों में एक जिला एक खेल अकादमी बनाई।
सीएम युवा संबल योजना में 2.16 लाख नई स्वीकृतियां, 4.13 लाख युवाओं को 1155 करोड़ से अधिक का भुगतान, बेरोजगार शिक्षित युवाओं के लिए योजना संजीवनी बनी है। हर माह 4 हजार की सहायता और 1.91 लाख युवाओं को इंटर्नशिप, युवा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं।
अवसरों के निर्माण यूं कर रहे हमारे युवा :
मनीष्का दुबे: आईस्टॉर्ट राजस्थान से जोधपुर की इस स्टॉर्टअप ने टिकरटेकी से टेक शिक्षा को बढ़ावा दिया।
लक्ष्यराज मेहता: जयपुर के हैं। एआई पॉवर्ड ट्रेफिक कंट्रोल सिस्टम बनाया जो रियल टाइम ट्रेफिक मैनेजमेंट, दुर्घटना रोकथाम पर फोकस करता है।
अदिक्रत टीम: अभिजय गुप्ता, विधिशा जैन, वेदांत चुग, नविस्था जैन ने आईिडयाथॉन चैम्पियनशिप जीती। टेक-बेस्ड सामाजिक समस्याओं का समाधान का रास्ता बताया।

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