भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों का जयपुर कूच, फसल खरीद और बीमा भुगतान की मांग पर विशाल महापंचायत
रैली का मुख्य मुद्दा किसानों की भूमि के अधिग्रहण को लेकर बढ़ती चिंताएं
प्रदेश में निकल जा रहे एक्सप्रेस हाईवे के लिए किसने की जमीनों का अधिग्रहण करने के विरोध और कृषि से जुड़ी लंबित मांगों को लेकर किसान महापंचायत के आह्वान पर राजधानी जयपुर में मंगलवार को विशाल किसान रैली का आयोजन किया गया। रैली की अध्यक्षता किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने की।
जयपुर। प्रदेश में निकल जा रहे एक्सप्रेस हाईवे के लिए किसने की जमीनों का अधिग्रहण करने के विरोध और कृषि से जुड़ी लंबित मांगों को लेकर किसान महापंचायत के आह्वान पर राजधानी जयपुर में मंगलवार को विशाल किसान रैली का आयोजन किया गया। रैली की अध्यक्षता किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने की। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि किसान अन्नदाताओं की जमीन को लेकर मुट्ठी भर लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए उनके संचित भूमि का अधिग्रहण कर रहे हैं जबकि प्रदेश की सड़कों की मरम्मत तक करने के लिए सरकार के पास पैसा नहीं है यदि सरकार पहले से तैयार सड़कों की समय पर उचित देखभाल एवं मरम्मत करें तो एक्सप्रेस हाईवे की जरूरत ही नहीं पड़े।
रैली का मुख्य मुद्दा किसानों की भूमि के अधिग्रहण को लेकर बढ़ती चिंताएं रहीं। किसानों का कहना था कि विकास परियोजनाओं के नाम पर उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा संकट खड़ा हो गया है। महापंचायत में फसलों की सरकारी खरीद को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए। किसानों ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की घोषणाएं तो की जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर खरीद केंद्रों की संख्या कम है और भुगतान में अनावश्यक देरी हो रही है। वक्ताओं ने मांग की कि सभी प्रमुख फसलों की एमएसपी पर समयबद्ध खरीद सुनिश्चित की जाए और किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य तय समय में मिले।
फसल बीमा योजना का मुद्दा भी रैली में प्रमुखता से उठा। किसानों का आरोप था कि प्राकृतिक आपदाओं और फसल खराबे के बावजूद बीमा कंपनियां समय पर मुआवजा नहीं दे रही हैं। कई किसानों को वर्षों से बीमा राशि का इंतजार करना पड़ रहा है। महापंचायत ने मांग की कि फसल बीमा योजना के तहत लंबित भुगतान तुरंत किए जाएं और नुकसान का आकलन पारदर्शी तरीके से हो।
रैली को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा कि किसान देश की रीढ़ है, लेकिन आज वही किसान अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने किसानों से एकजुट रहने और शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया। रैली के दौरान किसानों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नारेबाजी की। महापंचायत के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपकर भूमि अधिग्रहण पर रोक, फसल की सरकारी खरीद, फसल बीमा योजना का भुगतान, सिंचाई सुविधाओं में सुधार और किसानों पर दर्ज मामलों को वापस लेने जैसी मांगें रखीं। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन किसानों ने साफ कर दिया कि मांगें पूरी नहीं होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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