वन विभाग की रेस्क्यू में गंभीर लापरवाही : ट्रैंगक्वलाइज़ किए बिना भालू को कुएं से निकाला, भागते समय रास्ते में महिला पर बोला हमला
बिना बेहोश किए सीधे छोड़ने से हमला
कुएं में गिरे भालू के रेस्क्यू के दौरान वन विभाग की कथित लापरवाही सामने आई। कुएं से बाहर निकाले गए भालू ने जंगल की ओर छोड़े जाने के दौरान रास्ते में आ रही एक महिला पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
नमाना रोड। डाबी वन क्षेत्र के करोंदी गांव में रविवार प्रात: कुएं में गिरे भालू के रेस्क्यू के दौरान वन विभाग की कथित लापरवाही सामने आई। कुएं से बाहर निकाले गए भालू ने जंगल की ओर छोड़े जाने के दौरान रास्ते में आ रही एक महिला पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। नमाना रोड निवासी घायल महिला मोत्या बाई गुर्जर को हाथ और सिर में गंभीर चोटें आईं। सूचना मिलते ही एंबुलेंस से उसे कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। गनीमत रही कि भालू ने भीड़ पर हमला नहीं किया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग ने रेस्क्यू के दौरान गंभीर चूक की। उनका कहना है कि भालू को कुएं से निकालने से पहले ट्रेंकुलाइज किया जाना चाहिए था या जाल का उपयोग कर सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ा जाना चाहिए था। बिना बेहोश किए सीधे छोड़ने से हमला हुआ।
यह कहा ग्रामीणों ने
ग्रामीणों से मिली सूचना के अनुसार रात्रि से ही भालू कुएं में गिरा हुआ था, डाबी रेंजर, और एसीएफ को टीम के साथ मौके पर भेजा गया, भालू की स्थिति को देखते हुए चारपाई को क्रेन से बांधकर कुएं में डाला गया। भालू को चारपाई से बाहर निकाला गया, कोटा से आई रेस्क्यू टीम पहुंची नहीं थी और पुलिस प्रशासन ने भी भीड़ को नहीं हटाया।
आलोकनाथ गुप्ता, डीएफओ बूंदी वन मंडल

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