सालभर में जर्जर हुआ पापड़ी ओवरब्रिज, भारी वाहनों की आवाजाही से पुल में कंपन
सीसी सड़क में गड्ढे, सरिए बाहर, हादसे का बढ़ा खतरा
पुल पर तेज रफ्तार में चढ़ने वाले वाहन कमजोर हिस्सों को और नुकसान पहुंचा रहे हैं।
देईखेड़ा। क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई रेलवे मार्ग पर कोटा-दौसा मेगा हाईवे स्थित पापड़ी गांव के समीप निर्मित ओवरब्रिज सालभर में ही बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। वाहनों का आवागमन शुरू होने के कुछ ही महीनों बाद पुल की सीसी सतह में गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे लोहे के सरिए बाहर निकल आए हैं। कई स्थानों पर डामर उखड़कर सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। एक्सप्रेसवे के भारी वाहनों की आवाजाही से पुल में कंपन महसूस किया जा रहा है, जिससे दरारें और टूट-फूट बढ़ती जा रही हैं। इससे ग्रामीणों में हादसे की आशंका को लेकर भय का माहौल है।
भारी वाहनों से बढ़ा दबाव, जाम की स्थिति
जिला परिषद सदस्य केसी वर्मा एवं सहकारी अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि रोजाना हजारों वाहन इस ओवरब्रिज से गुजरते हैं। क्षतिग्रस्त स्थिति के चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। खरायता सरपंच बद्री लाल मीणा व लबान सरपंच बुद्धि प्रकाश मीणा ने बताया कि दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेस वे के भारी वाहन भी इसी पुल से गुजर रहे हैं। तेज रफ्तार में चढ़ने वाले वाहन कमजोर हिस्सों को और नुकसान पहुंचा रहे हैं। पुल की एप्रोच सड़कें गहरे गड्ढों से भरी हैं, जिससे दुपहिया वाहन चालक रोज दुर्घटना से बाल-बाल बच रहे हैं।
डिजाइन पर भी सवाल
लबान निवासी रामावतार मीणा व गुहाटा निवासी रामहेत मीणा ने बताया कि एल-आकार की डिजाइन और तीखे घुमावों के कारण बड़े लोडिंग वाहन आसानी से मुड़ नहीं पाते, जिससे बार-बार जाम की स्थिति बनती है।
निर्माण अवधि पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार ओवरब्रिज का प्रस्ताव 2012 में स्वीकृत हुआ, 2018 में निर्माण शुरू हुआ और 2025 की शुरूआत में इसे जनता के लिए खोला गया, लेकिन छह माह में ही यह जर्जर होने लगा। ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन, पीडब्ल्यूडी व रेलवे विभाग से तत्काल मरम्मत और समाधान की मांग की है।
एक्सप्रेस-वे के ट्रैफिक को मेगा हाइवे से डायवर्ड करने के लिये उच्चाधिकारियों को लिखा जा चुका है,जल्द ही समाधान की उम्मीद है।
- राहुल पाटील, मैनेजर, रिडकोर मेगाहाइवे
उच्च स्तर पर अधिकारों को समस्या की गम्भीरता से अवगत करवा रखा है। एक्सप्रेस के ट्रैफिक को डायवर्ड करने पर ही समस्या का समाधान होगा। समय-समय पर मरम्मत करवाई जाती है।
- एस के सिंघल, अधिशाषी अभियंता,लाखेरी
समस्या के स्थायी समाधान के लिये एक्सप्रेस के दूसरे खण्ड के अधूरे निर्माण को त्वरित गति करवाया जा रहा है। मार्च महीने तक लबान से सवाईमाधोपुर के बीच एक्सप्रेस पर वाहनों का आवागमन शुरू करने के प्रयास है।
- संजीव अग्रवाल, प्रोजेक्ट मैनेजर, एक्सप्रेस-वे एनएचआई

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