एसएमएस सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में निशुल्क दवाओं का टोटा, मरीज परेशान ; खांसी-बुखार तक की दवाएं सप्लाई में शॉर्ट
पिछले एक माह से ज्यादा समय से दवाईयों की बहुत शॉर्टेज
एसएमएस अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में पिछले काफी समय से निशुल्क दवाओं की कमी चल रही है। इससे मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और महंगे दामों पर निजी दुकानों से दवाईयां खरीदनी पड़ रही है।
जयपुर। एसएमएस अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में पिछले काफी समय से निशुल्क दवाओं की कमी चल रही है। इससे मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और महंगे दामों पर निजी दुकानों से दवाईयां खरीदनी पड़ रही है। इसमें बीपी, शुगर, हार्ट जैसी क्रोनिक डिजीज के अलावा खांसी, बुखार में काम आने वाली दवाईयां, कफ सिरप शामिल हैं। प्रदेश के सबसे बड़े हॉस्पिटल एसएमएस में इन दवाईयों के अलावा कई एंटी बायोटिक और न्यूरो के मरीजों को दी जाने वाली दवाईयां भी नहीं है। डीडीसी काउंटर पर दवाईयां देने वाले फार्मासिस्ट्स का कहना है कि पिछले एक माह से ज्यादा समय से दवाईयों की बहुत शॉर्टेज है। यही हाल जेके लोन हॉस्पिटल का है। यहां पर कर्मचारियों के मुताबिक 50 से ज्यादा दवाईयां हैं, जो पिछले लम्बे समय से उपलब्ध नहीं है।
ये प्रमुख दवाएं स्टॉक से बाहर
लेवोसेटिरिजिन
लेवोथायरोक्सिन सोडियम 25 एमसीजी
पैनटॉप 40
टियोट्रोपियम ब्रोमाइड
डुलोक्सेटिन गैस्ट्रो-रेसिस्टेंट टैबलेट
निकोमालोन 1 एमजीए 3 एमजीए 4 एमजी
एस्पिरिन डिलेड रिलीज
लैकोसामाइड 50, 100 एमजी
डैपाग्लिफ्लोजिन 10 एमजी
एसपार्ट इंसुलिन
सेफिक्साइम ओरल सस्पेंशन।

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