एनएच 52 के बाइपास से बिना रूके निकल जाती है रोडवेज बसें

मनमानी: पेच की बावड़ी और आसपास के क्षेत्रवासी हो रहे परेशान

एनएच 52 के बाइपास से बिना रूके निकल जाती है रोडवेज बसें

धूप में यात्री घंटों तक करते रहते इंतजार।

पेच की बावड़ी। पेच की बावड़ी कस्बे में लंबी दूरी की रोडवेज बसे बाईपास से फर्राटा भरते हुए सीधे  निकल जाती है। ऐसे में यात्री बस का इंतजार करते रह जाते है और रोडवेज बसों के रूकने का इंतजार करते रह जाते है। बसों का ठहराव सुनिश्चित नहीं होने से 45 डिग्री सेल्सियस की भारी गर्मी में दिनभर बस के चक्कर में यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है। ऐसे में देवली, बूंदी इलाज कराने वाले, नौकरी पेशा लोग, विद्यार्थियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नियमानुसार कस्बे में दूरगामी बसों का ठहराव  सुनिश्चित हैं लेकिन बस चालक और परिचालक अपनी मनमर्जी करते हुए ना तो सवारियों को बेटा रहे हैं न ही सवारियां उतार रहे हैं। घंटो इंतजार के बाद बस आती है और बिना रुके ही सीधे निकल रही है। यात्रियों को काफी परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। बसों का ठहराव नही होने से यात्रियों ने टोल फ्री नम्बर 181 पर परिवहन निगम के यातायात प्रबंधक , ट्राफिक इंचार्ज अजमेर, जयपुर, नागोर ,जोधपुर,कोटा एवं बूंदी को  बसों से नियमित ठहराव एवं यात्रियों को बिठाने और उतारने के लिए पाबंद करने, नियमों का पालन नहीं करने वाले बसों के चालक और परिचालकों के खिलाफ  कानूनी कार्रवाई करने  की मांग को लेकर शिकायत दर्ज कराई।

 नेशनल हाइवे 52 पर बसों के इंतजार में घंटों धूप में खड़े होते है यात्री  कस्बे के निकट नेशनल हाइवे 52 पर देवली और हिंडोली जंक्शन पर यात्री देवली बूंदी और अन्य शहरों की यात्रा करने के लिए आते है लेकिन रोडवेज बसों के चालक परिचालक अपनी मनमर्जी के चलते सवारियों को बैठाने और उतारने से कतराते है जिससे यात्री काफी परेशान है। वही दोनों  जंक्शन पर यात्रियों के लिए बसों का  इंतजार करने के लिए खुले आसमां के नीचे चिलचिलाती धूप में खड़े रहना पड़ता है । यात्रीगण जिसमें महिलाए ,बुजुर्ग और बच्चे धूप में घंटों इंतजार करते रहते है लेकिन चालक परिचालक अपनी मर्जी से बसों को जंक्शन पर न रोककर सीधी निकाल कर ले जाते है जिससे यात्रियों के रोजमर्रा और आवश्यक कार्य नही हो पाते । जानकारी के अनुसार यात्रियों और ग्रामीणों द्वारा कई बार जिम्मेदार  विभागीय अधिकारियों को शिकायत और सूचना कर चुके है। कई बार अधिकारी मौके पर भी पहुंचे लेकिन मामला का स्थाई समाधान नहीं हो पा रहा। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से बसों का ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की ।

स्थानीय लोग बोले- रोडवेज बसों का हो ठहराव
कस्बे के बायपास पर प्रतिदिन कई दर्जनों बसे बिना रुके निकल जाती है। यात्री इंतजार करते करते खड़े ही रह जाते है। तपती दोपहरी में लोग छाया देखते नजर आते है लेकिन बस कब निकल जाए इसके चलते धूप में खड़े रहना मजबूरी हो गई है। धूप में खड़े रहने के बावजूद रोडवेज बसे सीधी निकल जाती है।
- हीरालाल चौहान ,शारीरिक शिक्षक 

बसों का ठहराव नही होने से बुजुर्ग,महिला पुरुषों सहित छात्र छात्राओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
- तुलसीराम सैनी, टोकड़ा

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कस्बे के नेशनल हाइवे 52 पर बसें नही रुकने से देवली,बूंदी इलाज के लिय जाने वाले लोगों सहित सभी आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
-  मुकेश कुमार मीना , टोकड़ा

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इनका कहना है 
कस्बे के बायपास पर बसों के ठहराव को लेकर कई बार ग्रामीण आंदोलन कर चुके और बसों के चक्कर में कई बार हादसे भी हो चुके लेकिन फिर भी विभाग द्वारा चालक परिचालकों के विरुद्ध कोई ठोस कार्यवाही अमल में नहीं लाई जाती ।
- सीमा मीना ,सरपंच ,ग्राम पंचायत पेच की बावड़ी 

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जिला कलक्टर कार्यालय से पत्र मिला है जिसमे आमजन और यात्रियों की समस्या को देखते हुए समस्त चालक परिचालकों को पेच की बावड़ी कस्बे में बसों के ठहराव करने को लेकर पाबंद कर आदेश निकाल दिया है।
- सुनीता जैन ,मुख्य प्रबंधक ,बूंदी आगार

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