नीरजा मोदी की संबद्धता बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन, शिव सेना शिंदे गुट ने सरकार से लगाई उच्च स्तरीय जांच की गुहार
मान्यता रद्द करने का निर्णय स्थगित किया जाए
नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द करने पर पुनर्विचार की मांग करते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मान्यता रद्द करने का निर्णय स्थगित किया जाए।
जयपुर। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के नीरजा मोदी स्कूल की संबद्धता को बहाल करने की मांग को लेकर स्कूल बच्चों और अभिभावकों ने शनिवार को स्कूल के बाहर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, शिव सेना (शिंदे गुट) ने केन्द्र सरकार से नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द करने पर पुनर्विचार की मांग करते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मान्यता रद्द करने का निर्णय स्थगित किया जाए।
सीबीएसई से मामले में दखल देने को कहा
प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों और छात्रों ने तख्तियां उठाईं और नारे लगाए, जिनमें सीबीएसई से इस मामले में जिम्मेदारी लेने और हस्तक्षेप करने का आग्रह किया गया। अभिभावकों और छात्रों ने बताया कि बोर्ड प्रबंधन के नीरजा मोदी स्कूल की संबद्धता रद्द किए जाने से छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को लेकर गंभीर चिंता और अनिश्चितता उत्पन्न हो गई है। यह चिंता विशेष रूप से कक्षा नौ से बारहवीं तक के छात्रों के लिए अधिक गंभीर है, क्योंकि उनकी बोर्ड परीक्षाएं, स्थानांतरण प्रमाण पत्र, सर्टिफिकेट और भविष्य के शैक्षणिक अवसर सीधे तौर पर सीबीएसई संबद्धता से जुड़े होते हैं।
दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए: शिव सेना (शिंदे गुट)
शिव सेना शिंदे गुट के प्रदेश मुख्य सचिव इंजीनियर जितेन्द्र हिन्दू ने कहा कि शिव सेना दुख की इस घड़ी में बच्ची के परिवार के साथ खड़ी है, यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मीडिया को बताया कि घटना के आधार पर पूरे विद्यालय की सीबीएसई द्वारा मान्यता रद्द करना और उसके कारण सैकड़ों निर्दोष बच्चों का भविष्य और मानसिक संतुलन प्रभावित करना न्याय संगत नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मान्यता रद्द करने का निर्णय स्थगित नहीं किया गया तो शिव सेना शिंदे गुट इसके खिलाफ आन्दोलन करेगा।

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