लक्ष्मी जी का वाहन बता 13,500 में किया उल्लू का सौदा, वन विभाग की टीम ने धर दबौचा
वन्य जीवों की खरीद फरोक्त का सिलसिला थम ही नहीं रहा।
जयपुर। वन्य जीवों की खरीद फरोक्त का सिलसिला थम ही नहीं रहा। वन विभाग की टीम ने गुरुवार शाम 7 बजे जयपुर में एक व्यक्ति को उल्लू (बार्न आउल) का सौदा करते हुए पकड़ा गया। इससे पहले होप एंड बेयोंड संस्था के स्वयं सेवी ने उस व्यक्ति से बोगस (नकली) ग्राहक बन कर सौदा तय कर सीकर रोड के आसपास मिलना तय हुआ। संस्था के सदस्य ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। जिसके बाद आमेर रेंज से फ़ॉरेस्टर महेश शर्मा टीम के साथ पहुँचे। जहाँ उन्होंने काफ़ी मशक़्क़त के बाद तीन युवकों को उल्लू के साथ पकड़कर मुंगाना नाका लाए और पूछताछ की। इससे पहले उल्लू का सौदा 13,500 हज़ार में तय हुआ था, लेकिन मौक़े पर व्यक्ति ज़्यादा पैसों की डिमांड करने लग गया था।
गौरतलब है कि उल्लू की किसी भी प्रजाति को रखना, खरीदना एवं बेचना गैर कानूनी है। यह पक्षी वाइल्ड लाइफ एक्ट के अंतर्गत शेडुल १ कैटेगरी के अंतर्गत आता है। यदि कोई भी व्यक्ति इस नियम की अवहेलना करते हुए पकड़ा जाता है तो कड़ी से कड़ी सजा का प्रावधान है। इसीलिए किसी भी व्यक्ति के द्वारा दिये गए इस प्रकार के झांसे में ना आये और पता लगने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें।

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