जेकेके में देश-विदेश के 22 कलाकारों की रचनाओं का मंच बना 'सर्जना'
पूर्णिमा यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित की जा रही है दो दिवसीय आर्ट एग्जीबिशन
जयपुर। जवाहर कला केंद्र की चातुर्दिक गैलरी में आज आर्ट एग्जीबिशन 'सर्जना' की शुरुआत हुई। पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ डिजाइन एंड आर्ट्स तथा जयपुर आर्ट समिट द्वारा आयोजित इस एग्जीबिशन में देश—विदेश के 22 कलाकारों की करीब 50 पेंटिंग व स्कल्पचर प्रदर्शित किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि ये कलाकृतियां इन्होंने गत छह दिनों पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में आयोजित इंटरनेशनल आर्ट कैंप में तैयार की हैं। वरिष्ठ कलाकार पद्मश्री श्याम शर्मा ने मुख्य अतिथि तथा कलाविद् आर.बी. गौतम ने गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर इस दो दिवसीय एग्जीबिशन का उद्घाटन किया।
इसमें अमेरिका के जोंग इल मा, सिंगापुर के काइ किंग, जर्मनी के किंग सोनेनबर्ग, नेपाल के एस.सी. सुमन, लिथुआनिया की जिद्रिजा जनुसाइट, श्रीलंका की मानुषिका बुद्धिनि पथिराना व कुशानी विदुषिका तथा ईरान के हादी सेतायेश के साथ—साथ भारत के महेश अंजरलेकर, नरोत्तम दास, के.के. गांधी, डिम्पल शाह, अमित कल्ला, अमिता खरे सहित अन्य नामचीन कलाकारों की बनाई पेंटिंग्स व स्कल्पचर डिस्प्ले किए जा रहे हैं।
सिंगापुर के आर्टिस्ट काइ किंग के बनाए पोट्रेट प्रदर्शित किए गए, जबकि नेपाल के एस.सी. सुमन की पेंटिंग में मिथिला आर्ट वर्क की खूबसूरती देखने को मिली। इसी प्रकार जम्मू काश्मीर के आर्टिस्ट के.के. गांधी विशाल कैनवास पर पर्वतों के बीच सूर्योदय की पहली किरण की खूबसूरती को रंगों के जरिए साकार किया। मुंबई के महेश अंजरलेकर द्वारा इंटरनेशनल आर्ट कैंप में तैयार किए गए सेल्फ पोट्रेट के स्कल्पचर प्रदर्शित किए गए। इनकी विशेषता यह है कि कलाकार द्वारा इनमें मछली के तत्वों को प्रमुखता दी गई है।
देबावृत्त दास ने बंदर की पेंटिंग के जरिए जीवन के सफर को प्रतिबिंबित किया, वहीं विनोद कुमार की पेंटिंग में मिट्टी के प्राकृतिक रंग का इस्तेमाल कर इसमें गेहूं की बाली को दर्शाया गया। अमित कल्ला की बनाई एब्स्ट्रेक्ट पेंटिंग भी विजिटर्स द्वारा काफी पसंद की गई। लिथुआनिया की जिद्रिजा जनुसाइट द्वारा परफॉर्मिंग आर्ट की प्रभावी प्रस्तुति भी दी गई।
एग्जीबिशन के उद्घाटन के अवसर पर मेजबान पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के को- फाउंडर राहुल सिंघी, प्रो—प्रेसीडेंट डॉ. मनोज गुप्ता और रजिस्ट्रार डॉ. चांदनी कृपलानी भी उपस्थित थे। रविवार को इस एग्जीबिशन का अंतिम दिन है।

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