ट्रक पर 1214 चालान... फिर भी बेखौफ दौड़ता रहा वाहन, पंजीयन निलंबन की तैयारी
भौतिक निरीक्षण के बाद नियमानुसार कार्रवाई करने के दिए निर्देश
जयपुर। राजस्थान में ओवरलोड वाहनों को लेकर परिवहन विभाग की रिपोर्ट ने हैरान करने वाली तस्वीर सामने रखी है। प्रदेश में एक वाहन पर महज 5 महीनों के भीतर 1214 ओवरलोड चालान दर्ज हुए, लेकिन इसके बावजूद वह लगातार सड़कों पर दौड़ता रहा। इससे साफ है कि चालान काटने की कार्रवाई तो हुई, लेकिन नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी। अब परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। परिवहन मुख्यालय ने प्रदेश के सभी आरटीओ और डीटीओ को निर्देश दिए हैं कि जिन वाहनों पर 100 से अधिक ओवरलोड ई-रवन्ना चालान दर्ज हैं, उन्हें तत्काल सीज कर उनका पंजीयन निलंबित करने की कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही जो वाहन फिलहाल संचालित नहीं हैं, उन्हें कार्यालय बुलाकर भौतिक निरीक्षण के बाद नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रिपोर्ट में खुलासा होने पर एक्शन में अधिकारी
रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 296 ऐसे वाहन हैं, जिन पर 100 से अधिक ओवरलोड चालान दर्ज हैं। इनमें सबसे अधिक मामले सीकर रीजन के हैं, जहां 145 वाहन इस श्रेणी में आए हैं। सीकर रीजन के वाहन आरजे-23 जीए 7449 पर सर्वाधिक 1214 चालान दर्ज हुए हैं। वहीं जोधपुर रीजन के वाहन आरजे-04 जीसी 8685 पर 896, जयपुर आरटीओ द्वितीय के वाहन आरजे-14 आरबी 3436 पर 803, कोटा रीजन के वाहन आरजे-20 जीसी 3114 पर 718 और जयपुर प्रथम के वाहन आरजे 14 जीएफ 7555 पर 604 ओवरलोड चालान दर्ज किए गए हैं। परिवहन विभाग की ओर से तैयार की गई इस रिपोर्ट में सीकर आरटीओ के अधीन सीकर जिला परिवहन कार्यालय, चूरू और सुजानगढ़ जिला परिवहन कार्यालय में सर्वाधिक ओवरलोड वाहन चलते हैं। सीकर के अलावा जयपुर आरटीओ द्वितीय रीजन में भी बड़ी संख्या में ओवरलोड चालान वाले वाहन संचालित हो रहे है।
जयपुर, कोटा, अजमेर, पाली ओवरलोड के बड़े केन्द्र
सीकर के अलावा जयपुर, कोटा, अजमेर और पाली रीजन भी ओवरलोड वाहनों के बड़े केंद्र बनकर सामने आए हैं। दूसरी ओर उदयपुर और चित्तौड़गढ़ जैसे क्षेत्रों में ऐसे नियमित उल्ंलघन करने वाले वाहनों की संख्या अपेक्षाकृत कम मिली है। वहीं अजमेर आरटीओ में 26 वाहनों के 100 से अधिक, अलवर रीजन में 5 वाहनों के 100 से अधिक, बीकानेर रीजन में 7 वाहनों के 100 से अधिक, चित्तौड़गढ़ आरटीओ में एक वाहन के 238 चालान, दौसा में 5 वाहनों के 100 से अधिक, पाली रीजन में 13 वाहनों के 100 से अधिक ओवरलोड और उदयपुर आरटीओ में एक वाहन के 113 चालान है।
संरचनात्मक परिवर्तन पर कड़ी कार्रवाई
ऐसे वाहन मालिक क्षमता से अधिक भार ढोने के लिए वाहनों में अनधिकृत संरचनात्मक परिवर्तन कर रहे हैं। इससे न केवल पंजीयन की शर्तों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि सड़क सुरक्षा भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।
- पुरुषोत्तम शर्मा, परिवहन आयुक्त

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