जल संसाधन विभाग में 3643 मामले लंबित, 145 मामलों में सरकार के खिलाफ स्टे
परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन के लिए चुनौती
जयपुर। जल संसाधन विभाग में लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। विभाग की ओर से 1 जुलाई 2026 तक जारी रिपोर्ट के अनुसार विभाग के 14 कार्यालयों में कुल 3643 मामले लंबित हैं, जबकि 145 मामलों में सरकार के खिलाफ न्यायालय का स्टे प्रभावी है। सबसे अधिक 1913 मामले मुख्य अभियंता, हनुमानगढ़ कार्यालय में लंबित हैं। इसके अलावा मुख्य अभियंता जोधपुर जोन में 273, अतिरिक्त मुख्य अभियंता (एसीई) जयपुर जोन में 344, मुख्य अभियंता बांसवाड़ा जोन में 259, एसीई भरतपुर जोन में 265 तथा मुख्य अभियंता जयपुर कार्यालय में 189 मामले लंबित हैं। वहीं राजस्थान वाटर ग्रिड कॉर्पोरेशन लिमिटेड में भी 10 मामले विचाराधीन हैं। लंबित मामलों की बढ़ती संख्या विभागीय कार्यों और परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन के लिए चुनौती बनी हुई है।
इधर विभाग ने कोटा जिले की इंदरगढ़ तहसील स्थित चाकन बांध के सुधार कार्य को मंजूरी दी है। परियोजना के तहत बांध की नहरों, बाई वॉश तथा विंग वॉल का मरम्मत एवं नवीनीकरण किया जाएगा। इस कार्य पर 1111.73 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे बांध की सुरक्षा और सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। वहीं बांसवाड़ा स्थित माही बांध में सिस्टम के रख-रखाव और आधुनिकीकरण का कार्य भी जल्द शुरू होगा। परियोजना के तहत इलेक्ट्रिक पंपों की क्षमता बढ़ाई जाएगी तथा आवश्यक उपकरणों का रख-रखाव किया जाएगा। इसके लिए जल संसाधन विभाग शीघ्र ही टेंडर जारी करेगा। विभाग का मानना है कि इन कार्यों से बांध की संचालन क्षमता में सुधार होगा और जल प्रबंधन अधिक प्रभावी बन सकेगा।

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