राजस्थान में 51 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित, 34 माह में 28 गीगावाट का इजाफा
इसमें करीब 28 गीगावाट की वृद्धि हुई
जयपुर। दिल्ली में आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एवं एक्सपो-2026 में सोमवार को राजस्थान राज्य सत्र का आयोजन किया गया। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की अध्यक्षता में हुए सत्र में ऊर्जा सचिव आरती डोगरा, अक्षय ऊर्जा निगम के सीएमडी डॉ. रोहित गुप्ता सहित देश-विदेश के निवेशकों, परियोजना डेवलपर्स और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया। ऊर्जा मंत्री नागर ने कहा कि राजस्थान अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। प्रदेश में अब तक 51 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित हो चुकी है। पिछले 34 महीनों में इसमें करीब 28 गीगावाट की वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि टिकाऊ और मजबूत ऊर्जा तंत्र विकसित करना है। इसके लिए ऊर्जा भंडारण, ट्रांसमिशन, पीएम-कुसुम योजना और रूफटॉप सोलर को बढ़ावा दिया जा रहा है। सीएमडी डॉ. रोहित गुप्ता ने राजस्थान की नीतियों, निवेश संभावनाओं और सौर, पवन एवं हाइब्रिड ऊर्जा परियोजनाओं की जानकारी दी। तकनीकी सत्र में ऊर्जा भंडारण, ग्रिड एकीकरण और आधुनिक तकनीकों पर चर्चा हुई। मंत्री ने निवेशकों और डेवलपर्स को राजस्थान में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

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